LAW'S VERDICT

रैगिंग से मौत या आत्महत्या? शिवांश गुप्ता केस में CBI जांच की मांग


पिता की याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के गृह सचिव सहित 4 से माँगा जवाब 

जबलपुर।  जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र शिवांश गुप्ता की संदिग्ध मौत को उसके पिता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।  याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि रैगिंग और प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई मौत का मामला है, लिहाजा इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए जाएँ। याचिका में लगे आरोपों को संजीदगी से लेते हुए जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के बाद राज्य सरकार के गृह सचिव व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब देने कहा है।

मेधावी छात्र था शिवांश

रीवा में रहने वाले संतोष कुमार गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका के अनुसार, उनके बेटे शिवांश गुप्ता ने वर्ष 2024 की NEET परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 19577 तथा 660 अंक प्राप्त किए थे। मध्यप्रदेश रैंक 734 के आधार पर उसे Netaji Subhash Chandra Bose Medical College, जबलपुर में प्रवेश मिला था। वह प्रथम वर्ष एमबीबीएस का छात्र था।  5 जून 2025 को परिजनों को सूचना मिली कि शिवांश घायल अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है। पिता, जो नोएडा में सेवा में हैं, पत्नी के साथ जबलपुर पहुंचे, जहां 6 जून 2025 को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार रीवा स्थित पैतृक निवास पर किया गया।

रैगिंग और मारपीट के आरोप

याचिकाकर्ता का दावा है कि 12 जून को कॉलेज परिसर पहुंचकर उन्होंने शिवांश के सहपाठियों से बातचीत की। याचिका में आरोप है कि द्वितीय वर्ष के छात्र नयन साहू, जो स्थानीय निवासी बताया गया है, ने शिवांश के साथ रैगिंग और दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि एक प्रथम वर्ष की छात्रा से मित्रता को लेकर विवाद था। परिजनों का दावा है कि मई माह में शिवांश ने अपनी मां को बताया था कि नयन साहू ने स्थानीय लड़कों को बुलाकर उसके साथ मारपीट करवाई। डर के कारण उसने वॉर्डन या प्रशासन से शिकायत नहीं की।

छत से गिरने की घटना

याचिका के अनुसार 4 जून को शिवांश हॉस्टल से बाहर गया और 5 जून को लौटा। सुबह लगभग 10:30 से 11:30 बजे के बीच वह हॉस्टल की छत पर किसी से फोन पर बात कर रहा था। करीब 11:45 बजे वह छत से नीचे गिर गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

FIR दर्ज नहीं, पुलिस ने बताया आत्महत्या

पिता का आरोप है कि उन्होंने थाना प्रभारी को रैगिंग, प्रशासन और वॉर्डन रविकांत महंत की लापरवाही के संबंध में तथ्य बताए, परंतु पुलिस ने नयन साहू, कॉलेज प्रशासन और वॉर्डन के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की। याचिका में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच किए बिना ही इसे आत्महत्या का मामला घोषित कर दिया।

CBI जांच की मांग

परिजन ने मानवाधिकार प्रकोष्ठ एवं गृह मंत्रालय को भी शिकायत भेजी है, जिसे CBI को अग्रेषित किए जाने की जानकारी दी गई है। अब याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, FIR दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। याचिका में मप्र सरकार के गृह सचिव, जबलपुर के पुलिस अधीक्षक, गढ़ा थाने के एसएचओ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस मिडिल कॉलेज के वार्डन रविकांत महंत को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप सिंह सैनी पैरवी कर रहे हैं। 

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