LAW'S VERDICT

छिंदवाड़ा का बहुचर्चित जहरीला कफ सिरप कांड: गिरफ्तार आरोपियों को नहीं मिली जमानत

 

डॉ.  प्रवीण सोनी सहित 4 आरोपियों की जमानत अर्जियां हाईकोर्ट से खारिज 

जबलपुर। छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित जहरीले कफ सिरप कांड में गिरफ्तार चारों आरोपियों की जमानत अर्जियों मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। इन अर्जियों पर 2 फरवरी 2026 को सुरक्षित रखा फैसला न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने मंगलवार को सुनाते हुए आरोपियों पर लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए उन सभी को जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया है।    

30 बच्चों की गई थी जान 

तमिलनाडु की सन फार्मा कंपनी द्वारा बनाये गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप को पीने से छिंदवाड़ा और उसके आसपास के जिलों के कुल 30 बच्चों की मौत हुई थी। दवा के रूप में ये कफ सिरप परासिया के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी द्वारा लिखे गए थे। इस कफ सिरप को पीने से सर्दी-जुकाम से पीड़ित बच्चों की पहले किडनी फेल हुईं और फिर उनकी मौत हो गई थी। 

डॉक्टर की पत्नी के मेडिकल स्टोर से बिकता था सिरप 

परासिया पुलिस को अनुसार जिस कोल्ड्रिफ कफ सिरप को दवा के रूप में डॉ. प्रवीण सोनी लिखते थे, वो कफ सिरप उनकी पत्नी ज्योति सोनी द्वारा संचालित अपना मेडिकल स्टोर से बिकता था। पुलिस ने मामले का खुलासा होने पर 5 अक्टूबर 2025 को डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद डॉ.  सोनी के भतीजे राजेश और अपना मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट के रूप में काम करने वाले सौरभ कुमार जैन को 13 अक्टूबर और फिर डॉ.  सोनी की पत्नी ज्योति को 3 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। 

मृत बच्चों की ओर से की गई थी आपत्ति 

जहरीले कफ सिरप को पीकर अपनी जान गंवाने वाले 30 बच्चों की ओर से छिंदवाड़ा की महिला अधिवक्ता अश्मिता चाँद ने हाईकोर्ट में आपत्ति दाखिल की थी। उनका कहना था कि जहरीले कफ सिरप ने मासूम बच्चों की जिंदगियां छीनने वाले वाले आरोपियों को जमानत का लाभ न दिया जाए। 

सरकार ने किया था कड़ा विरोध 

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से दायर जमानत अर्जियों का राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह तथा शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी व पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने कड़ा विरोध किया था। उनकी दलील थी कि डॉ.  सोनी द्वारा लिखा गया कफ सिरप उसकी पत्नी ज्योति के मेडिकल स्टोर से ही यह कफ सिरप बिकता था। पैसों की लालच में यह षड्यंत्र रचा गया।  जहरीले कफ सिरप से 30 बच्चों की जाने गईं इसलिए  आरोपियों को जमानत न दी जाए।  


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