LAW'S VERDICT

जस्टिस एसए धर्माधिकारी बनेंगे मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

मप्र हाईकोर्ट के 18वें जज हैं जस्टिस धर्माधिकारी, जो बनेंगे दूसरे उच्च न्यायलय में चीफ जस्टिस 

नई दिल्ली। देश की न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में 26 फरवरी 2026 को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने अहम निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविन्द धर्माधिकारी को मद्रास उच्च न्यायालय का चीफ जस्टिस बनाये जाने की सिफारिश की है। यह नियुक्ति मद्रास हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव के 5 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त होने वाले पद के संदर्भ में की गई है। जस्टिस धर्माधिकारी मप्र हाईकोर्ट के 18वें ऐसे जज हैं, जो दूसरे हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बनेंगे। 

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए बनाई नई नीति

कोलेजियम ने एक नीतिगत निर्णय भी लिया है, जिसके तहत जिस न्यायाधीश को किसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना प्रस्तावित हो, उसे पद रिक्त होने से लगभग दो माह पूर्व ही स्थानांतरित किया जा सकता है,
ताकि वह संबंधित उच्च न्यायालय के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों से भली-भांति परिचित हो सके। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रशासन की दक्षता और गुणवत्ता को सुदृढ़ करना बताया गया है।

जस्टिस लिसा गिल का भी तबादला 

इस नई नीति के तहत सुको के कोलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की जस्टिस लिसा गिल को आंध्रा प्रदेश हाईकोर्ट  में  स्थानांतरित करने तथा वहां मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।उनकी नियुक्ति उस तिथि से प्रभावी होगी, जब संबंधित उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त होगा।

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