वापस लेने के कारण खाइज हुई अग्रिम जमानत अर्जी
जबलपुर। मप्र उच्च न्यायालय ने चाइना (बटनदार) चाकुओं की कथित सप्लाई के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता और जबलपुर शहर में बढ़ते चाकूबाजी के मामलों को देखते हुए राहत देने से मना कर दिया। अदालत के रुख के बाद आरोपी की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी वापस ले ली गई।
गढ़ा थाने में दर्ज हुआ है मामला
जबलपुर के मुकादमगंज स्थित विजय जनरल स्टोर के संचालक बेबू उर्फ भगवानदास कटारिया की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। उसके खिलाफ गढ़ा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज है। आरोपी की ओर से तर्क दिया कि उसे केवल सह-आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर फंसाया गया है और उसकी दुकान से कोई बटनदार चाकू जब्त नहीं हुआ।
वहीं राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह एवं पैनल अधिवक्ता हिमांशु तिवारी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जबलपुर में लगातार चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और गुंडा टैक्स वसूली की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिनमें बटनदार (चाइना) चाकुओं का इस्तेमाल हो रहा है।
आर्म्स एक्ट के तहत प्रतिबंध
श्री रूपराह ने दलील दी कि Arms Act, 1959 की धारा 25 के तहत बटनदार चाकू रखना और बेचना प्रतिबंधित है। साथ ही राज्य शासन द्वारा भी चाइना चाकुओं पर रोक लगाई गई है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने माना कि मामला गंभीर प्रकृति का है और बढ़ते अपराधों के मद्देनजर आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। बाद में आरोपी पक्ष द्वारा अर्जी वापस लेने पर न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया।
कोर्ट में पेश किये अपराध के आंकड़े
जबलपुर एसपी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में चाइना चाकुओं से जुड़े अपराध इस प्रकार हैं:
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हत्या – 29
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हत्या के प्रयास – 131
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अवैध वसूली – 400
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गंभीर चाकूबाजी – 6
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सामान्य चाकूबाजी – 197
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चाकू मारकर लूट – 14
