LAW'S VERDICT

कांस्टेबल भर्ती में कटऑफ का खेल बेनकाब!


हाईकोर्ट ने महिला उम्मीदवार को फिजिकल टेस्ट में बुलाने के दिए निर्देश

ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल (GD) भर्ती से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कट ऑफ से ज्यादा अंक पाने वाली एक उम्मीदवार को राहत प्रदान की है। जस्टिस आशीष श्रोती की अदालत ने कहा है कि याचिकाकर्ता को द्वितीय चरण की शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Proficiency Test) हेतु बुलाया जाए और उपयुक्त पाए जाने पर नियुक्ति प्रदान की जाए। मामला वर्ष 2021 में जारी विज्ञापन के तहत आयोजित कांस्टेबल (GD/Radio) भर्ती परीक्षा से संबंधित है, जिसे मप्र व्यावसायिक परीक्षा मंडल  द्वारा संचालित किया गया था।

3 साल पहले हुई थी लिखित परीक्षा 

दतिया जिले के मारुती नगर में रहने वाली याचिकाकर्ता सुनंदा यादव ने अनारक्षित महिला (UR/F) श्रेणी में आवेदन दिया था। लिखित परीक्षा 9 फरवरी 2022 को आयोजित हुई, जिसमें उसने 68.1 प्रतिशत नॉर्मलाइज्ड अंक प्राप्त किए। परिणाम घोषित होने के पश्चात उसे द्वितीय चरण के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। बाद में 12 नवंबर 2022 को घोषित अंतिम चयन सूची में संबंधित श्रेणी के लिए कटऑफ 67.56 प्रतिशत प्रदर्शित हुई। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने अंतिम चयन कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए थे, अतः उसे द्वितीय चरण के लिए अवसर दिया जाना चाहिए था।

अंकों के आधार पर होना थी मेरिट सूची 

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता निर्मल शर्मा की दलील थी कि दूसरा चरण (दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा) मात्र अर्हकारी (qualifying) प्रकृति का था, जिसमें कोई अंक प्रदान नहीं किए जाते। अंतिम मेरिट सूची केवल लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार की जानी थी। वहीं राज्य की ओर से यह तर्क दिया गया कि प्रथम चरण के लिए कटऑफ 76.97 प्रतिशत निर्धारित था और याचिकाकर्ता उक्त अंक प्राप्त नहीं कर सकी, इसलिए उसे द्वितीय चरण के लिए नहीं बुलाया गया।

अंक ज्यादा तो हक़ भी मिले: कोर्ट 

अदालत ने चयन प्रक्रिया की रूपरेखा का अवलोकन करते हुए कहा कि जब अंतिम चयन सूची लिखित परीक्षा के अंकों पर आधारित है तथा द्वितीय चरण मात्र अर्हकारी है, तो प्रथम एवं अंतिम चरण के लिए परस्पर विरोधी कटऑफ निर्धारित करना तार्किक प्रतीत नहीं होता। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अंतिम चयन कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए थे। ऐसे में उसे दूसरे  चरण में सम्मिलित होने का अवसर मिलना चाहिए था। अदालत ने प्रतिवादियों को निर्देशित किया कि याचिकाकर्ता की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाए। यदि वह उपयुक्त पाई जाती है, तो उसे कांस्टेबल (GD) पद पर नियुक्ति प्रदान की जाए। संपूर्ण प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट का आदेश देखें  WRIT PETITION No.26836 OF 2022

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