LAW'S VERDICT

‘972 करोड़ के डायल-112’ टेंडर विवाद पर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने कहा



एक कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद नया RFP जारी करने पर तेलंगाना की कंपनी को मिली फौरी राहत,  फिलहाल नई कंपनी नहीं कर सकेगी सॉफ्टवेर इंस्टाल 


जबलपुर। प्रदेश की आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ के संचालन से जुड़ा बड़ा ठेका विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। 5 साल के लिए 972 करोड़ रूपए का ठेका पाने वाली EMRI Green Health Services ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर पुलिस विभाग द्वारा जारी  6 करोड़ के ठेके  (RFP) को चुनौती दी है। मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने न सिर्फ नए ठेके पर यथास्थिति बनाये रखने कहा, बल्कि सरकार के पुलिस विभाग को नए ठेके को लेकर विस्तृत जवाब देने के भी निर्देश दिए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। 

तेलंगाना की  EMRI Green Health Services की ओर से दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि Police Telecommunication HQ द्वारा 31 दिसंबर 2025 को “ऑटोमैटिक कंप्यूटर एडेड डिस्पैच सिस्टम” की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, इंटीग्रेशन और मेंटेनेंस के लिए नया RFP जारी किया गया, जबकि यही काम पहले से ही कंपनी को वैध और प्रभावी अनुबंध के तहत सौंपा जा चुका है। कंपनी का दावा है कि 12 मार्च 2025 को जारी मूल टेंडर के तहत वह “MP Dial-112 Phase-2” का इम्प्लीमेंटेशन, मेंटेनेंस और ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर रही है। ऐसे में उसी कार्यक्षेत्र के लिए दोबारा टेंडर निकालना न केवल अनुचित है बल्कि अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन भी है।
याचिका में पुलिस विभाग द्वारा जारी नए RFP को मनमाना, असंवैधानिक और अधिकार क्षेत्र से परे बताकर उसे निरस्त करने की मांग हाईकोर्ट से की गई है। साथ ही कंपनी ने अदालत सेयह प्रार्थना की है कि उसे ही मूल अनुबंध के अनुसार शेष कार्य पूरा करने दिया जाए। 

किस बात के  लिए दिया गया नया ठेका?

मामले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान डिवीज़न बेंच ने जानना चाहा कि एक बार हो चुके अनुबंध के बाद दूसरा टेंडर क्यों जारी किया गया? इस बारे में कोई संतोषजनक उत्तर न दिए जाने पर बेंच ने अंतरिम आदेश देकर सरकार को विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए।  

डायल 112 के ठेके पर एक नजर 

- 5 साल के लिए तेलंगाना की  EMRI Green Health Services को यह ठेका दिया गया है। 
- ठेके में कंपनी को पूरे प्रदेश में 1200 स्कार्पियो वाहन उपलब्ध कराए हैं। 
- एक वाहन में 4 ड्राइवरों के हिसाब से कंपनी को कुल 4800 ड्राइवर उपलध कराना है। 
- हर एक ड्राइवर का वेतन हर माह राज्य सरकार को देना पड़ेगा। 
- सैंकड़ों कम्प्यूटर्स का पूरा सिस्टम, मोबाइल सेट, रिसीवर्स के साथ कण्ट्रोल रूम संचालन के लिए 450 कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी कंपनी की ही है।  
 

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