
प्रमोशन में आरक्षण को लेकर जारी कानूनी लड़ाई में मप्र हाईकोर्ट में कल मंगलवार को दोपहर 12 बजे से अहम सुनवाई होने जा वाली है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच के सामने 45 याचिकाओं पर होने वाली इस सुनवाई को लेकर प्रदेशभर के हजारों सरकारी कर्मचारियों में खासा उत्साह और उम्मीदें देखी जा रही हैं। आपको बता दें कि इन मामलों के दाखिल होने के बाद से पूरे प्रदेश में इस विवादित नियमों के तहत पदोन्नतियों पर रोक लगी हुई है।
प्रमोशन में आरक्षण को लेकर मप्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट में 7 जुलाई को पहली सुनवाई के बाद पिछली 13 पेशियों से सुनवाई चल रही है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि सरकार द्वारा बनाए गए नियम संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं, वहीं राज्य सरकार अपने नियमों को सही ठहराते हुए उनका समर्थन कर रही है। इन मामलों पर याचिकाकर्ताओं के अलावा राज्य सरकार की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। अब मामले से जुड़े अन्य पक्षकारों की ओर से मंगलवार को पक्ष रखा जाना है।
कल मंगलवार को होने वाली सुनवाई को इस मामले में निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि कोर्ट से कोई सकारात्मक संकेत मिलता है तो वर्षों से रुकी पदोन्नतियों का रास्ता साफ हो सकता है। खासकर आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इस सुनवाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा मध्य प्रदेश में पिछले कई वर्षों से लंबित है, जिसके चलते हजारों पद खाली पड़े हैं और कर्मचारियों के करियर भी प्रभावित हो रहे हैं। हाईकोर्ट के हर आदेश पर न सिर्फ कर्मचारी बल्कि शासन और प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।
अब सबकी निगाहें मंगलवार दोपहर 12 बजे होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि मप्र हाईकोर्ट इस संवेदनशील और बहुप्रतीक्षित मामले में क्या रुख अपनाता है और कर्मचारियों को कोई राहत मिलती है या नहीं।
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