.png)
पति की याचिका पर आया फैसला, सिर्फ दहेज़ प्रताड़ना का मुकदमा चलेगा
क्या था मामला?
याचिकाकर्ता शुभम ने धारा 482 CrPC के तहत याचिका दायर कर मुरैना जिले के कोतवाली थाने में उसकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई FIR क्र. 971/2023, और उससे उपजी चार्जशीट को चुनौती दी थी। शुभम किस शादी 26 जून 2022 को हुई थी। पत्नी ने आरोप लगाया था कि विवाह के बाद से शुभम दहेज के लिए मारपीट और गाली-गलौज करने लगा और उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। इस याचिका में पति का तर्क था कि उसके द्वारा तलाक याचिका (धारा 13, हिंदू विवाह अधिनियम) दायर किए जाने के बाद काउंटरब्लास्ट के रूप में पत्नी ने यह याचिका दर्ज कराई गई, ताकि दबाव बनाया जा सके।
कोर्ट का अहम फैसला
-
धारा 376(2)(n) व 377 IPC:
कोर्ट ने माना कि चिकित्सकीय रिपोर्ट में अप्राकृतिक कृत्य के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले। डॉक्टर ने फेलैशियो या बग्गरी के संबंध में कोई निश्चित राय नहीं दी।
साथ ही, पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद की पृष्ठभूमि में इन आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि नहीं हो सकी।
इसलिए इन धाराओं को ख़ारिज कर दिया गया। -
धारा 498A, 323 और 294 IPC:
कोर्ट ने कहा कि इन आरोपों की सच्चाई ट्रायल के दौरान तय होगी। इस स्तर पर इन्हें खारिज करने का कोई आधार नहीं है।
अतः ये धाराएं बरकरार रहेंगी।