हाईकोर्ट ने कहा- वर्दी में हुई पुलिस वाले की पिटाई और उसके ही खिलाफ हुई FIR, क्या बीत रही होगी उस पुलिस वाले पर
जबलपुर। शहर के व्यस्त बलदेवबाग चौक पर 18 सितंबर 2025 की शाम को हेलमेट चेकिंग के दौरान पूर्व महापौर प्रभात साहू और पुलिस कर्मी के बीच हुआ विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने इस पूरे मामले पर पुलिस की भूमिका को जमकर आड़े हाथों लिया। बेंच ने कहा कि एक पुलिस वाले पर उस वक़्त हमला हुआ, जब वह ड्यूटी पर था। उल्टा उसके खिलाफ ही FIR दर्ज कर ली गई। उस पुलिस कर्मी पर क्या बीत रही होगी। बेंच ने कहा कि जिस अधिकारी ने ऐसी FIR दर्ज की, उसे पद पर रहना ही नहीं चाहिए। इन टिप्पणियों के साथ डिवीज़न बेंच ने राज्य सरकार, जबलपुर एसपी, लार्डगंज थाने के टीआई और पूर्व महापौर प्रभात साहू को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित करके बेंच ने लार्डगंज थाने के TI को दोनों केस डायरी के साथ हाजिर होने के निर्देश दिए।
मामले पर बुधवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता अधिवक्ता मोहित वर्मा ने अपना पक्ष खुद रखा, वहीं राज्य सरकार की ओर से उपमहाधिवक्ता विवेक शर्मा हाजिर हुए। बेंच ने पाया की पूर्व महापौर प्रभात साहू की शिकायत पर पुलिस वाले पर FIR हुई थी। वहीं पीड़ित पुलिस वाले की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। पुलिस के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डिवीज़न बेंच ने लार्डगंज थाने में दर्ज की गईं 2 काउंटर FIR पर कड़ी नाराजगी जताते हुए TI को हाजिर होने के निर्देश दिए।
वायरल वीडियो में साफ़ दिखी बदसलूकी
बिलहरी के परसवारा में रहने वाले वकील मोहित वर्मा की और से दाखिल इस जनहित याचिका में कहा गया है कि बल्देवबाग चौराहे पर हुए इस विवाद से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। कई वीडियो में पूर्व मेयर को पुलिस स्टाफ से अभद्र भाषा का प्रयोग करते और हाथापाई की कोशिश करते देखा जा सकता है। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
कार्रवाई उलटी, ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी पर गिरी गाज
याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्पष्ट वीडियो सबूत और लगातार मीडिया कवरेज के बावजूद पूर्व मेयर के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उलटे, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। पुलिस वाले की शिकायत पर दर्ज हुई FIR में आरोपी को अज्ञात बताया गया ।
हेलमेट नियम: आम जनता पर सख्ती, नेताओं पर ढील
याचिकाकर्ता का कहना है कि हेलमेट नियम आम नागरिकों पर सख्ती से लागू होते हैं, लेकिन राजनीतिक प्रभावशाली लोगों को छूट दी जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन, वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा प्रधानमंत्री तक को शिकायतें भेजीं, पर कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में मांग की गई है कि कानून सबके लिए समान रूप से लागू हो और वायरल वीडियो व साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।