मध्यप्रदेश के कटनी के बरही में स्थित एक जमीन से जुड़े विवाद के मामले पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर द्वारा पारित अवमानना आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता रामावतार सोनी, निवासी वार्ड नंबर-5, बरही, तहसील बरही, जिला कटनी, ने कलेक्टर के 29 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। उक्त आदेश गरुण सोनी की ओर से दाखिल किये गए अवमानना प्रकरण पर पारित हुआ था। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने मामले पर राज्य सरकार, कटनी के कलेक्टर, बरही के तहसीलदार और गरुण सोनी को नोटिस जारी कर यह अंतरिम आदेश दिया । मामले पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी ।
याचिकाकर्ता रामावतार सोनी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ गुलाटी व अधिवक्ता तूलिका गुलाटी ने दलील दी कि गरुण सोनी द्वारा मध्यप्रदेश भूमि राजस्व संहिता (MPLRC) की धारा 32 के तहत दायर आवेदन को तहसीलदार ने 16 मार्च 2022 को खारिज कर दिया था। यह आदेश कटनी कलेक्टर ने भी 27 अक्टूबर 2022 को बरकरार रखा था। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा था कि धारा 32 निजी भूमि विवाद निपटाने के लिए नहीं है और यदि अतिक्रमण हो तो धारा 250 या फिर सरकारी भूमि होने की स्थिति में धारा 248 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इसके बावजूद, गरुण सोनी ने धारा 250 के तहत कोई आवेदन दाखिल नहीं किया। इसके बाद उसने सीधे कलेक्टर के समक्ष अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 11 एवं 12 के तहत आवेदन प्रस्तुत कर दिया, जिस पर कलेक्टर ने 29 दिसंबर 2025 को संज्ञान लेते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ आदेश पारित कर दिया।
मामले पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कलेक्टर द्वारा पारित आदेश का बचाव करने का प्रयास किया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा सका कि जब मूल आदेश को चुनौती नहीं दी गई और धारा 250 के तहत कोई कार्यवाही नहीं की गई, तब अवमानना याचिका किस आधार पर स्वीकार्य की गई । साथ ही यह भी रिकॉर्ड पर नहीं है कि याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देकर कोई जांच कराई गई हो।
इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने कलेक्टर, कटनी द्वारा पारित 29.12.2025 के आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही कलेक्टर के समक्ष लंबित समस्त कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई है।
मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध की गई है।
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