दूसरे राज्यों के वकीलों को शामिल करने के विरोध में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन की अर्जी हुई मंजूर, फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में होगी सुनवाई
जबलपुर। महाधिवक्ता कार्यालय के 157 लॉ ऑफिसरों की नियुक्तियों को लेकर जारी हुई नई सूची को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने मामले पर राज्य सरकार व महाधिवक्ता कार्यालय के अलावा सभी नए नियुक्त वकीलों को जवाब पेश करने कहा है। इसके साथ ही बेंच ने हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन की उस अर्जी को भी मंजूर कर लिया, जिसमें दूसरे राज्यों (नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) के वकीलों को नई लिस्ट में शामिल किये जाने पर सवाल उठाये गए हैं। मामले पर अगली सुनवाई फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में होगी।
25 दिसंबर को जारी सूची पर उठे सवाल
मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सह सचिव व अधिवक्ता योगेश सोनी की ओर से दायर अर्जी में 25 दिसंबर को प्रदेश सरकार के विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा जारी नियुक्ति सूची को चुनौती दी गई है। याचिका के अनुसार, वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के लिए स्पष्ट एवं निर्धारित प्रक्रिया तय है, लेकिन हालिया सूची में उस प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। इसके बाद भी 10 साल से कम वकालत वाले अधिवक्ताओं को नई लिस्ट में शामिल किया गया है।
शुक्रवार को याचिका पर हुई पहली सुनवाई पर याचिकाकर्ता अधिवक्ता योगेश सोनी के साथ उनके अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी और राज्य सरकार की और से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत रुपराह, उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली हाजिर हुए।
