आरोपी डॉक्टर समेत चार को जमानत न देने के विरोध में आई छिंदवाड़ा की महिला वकील, लगाई आपत्ति, हाईकोर्ट में सुनवाई 12 को
जबलपुर।
छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित जहरीले कफ सिरप कांड में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नया मोड़ सामने आया है। इस हृदयविदारक मामले में जान गंवाने वाले 30 मासूम बच्चों की ओर से जमानत का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। आरोपियों को जमानत दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में औपचारिक आपत्ति दाखिल की गई है।
यह मामला Madhya Pradesh High Court में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
क्या है पूरा मामला
छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में बच्चों को दिए गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 30 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। आरोप है कि यह कफ सिरप जहरीला था। इस मामले में परासिया निवासी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। डॉ. सोनी द्वारा लिखे गए इसी कफ सिरप को बच्चों को पिलाया गया था। बाद में परासिया पुलिस ने डॉ. सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, उसके भतीजे राजेश और दवा दुकान में काम करने वाले फार्मासिस्ट सौरभ कुमार जैन को गिरफ्तार किया था। ज्योति सोनी के 'अपना मेडिकल स्टोर' से ही जहरीला कोल्ड्रिफ सिरप बिकता था।
जमानत का कड़ा विरोध
आरोपियों की ओर से दायर जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए अधिवक्ता अश्मिता चांद ने मृतक बच्चों की ओर से हाईकोर्ट में आपत्ति प्रस्तुत की। आपत्ति में कहा गया है कि यह कोई सामान्य लापरवाही नहीं बल्कि सामूहिक मौतों का मामला है। 30 बच्चों की जान गई है, ऐसे में आरोपियों को जमानत देना समाज और न्याय के हित में नहीं होगा। अदालत ने आपत्तिकर्ता को जमानत अर्जियों से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी तय की है।