गौवंश संरक्षण के लिए किये जा रहे गंभीर प्रयास, हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 4 फरवरी को
जबलपुर।
प्रदेश की सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवरों को लेकर राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपना विस्तृत जवाब पेश कर दिया है। सरकार ने अदालत को बताया कि सड़कों पर मवेशियों की समस्या को रोकने और गौवंश संरक्षण के लिए गंभीर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में सरकार ने हाईकोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट और आंकड़े प्रस्तुत किए हैं।
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच कर रही है। बेंच ने सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट की प्रतियां सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी तय की है।
2018 से लंबित है मामला
हाईकोर्ट में यह मामला जबलपुर निवासी पूर्णिमा शर्मा द्वारा वर्ष 2018 में दायर याचिका से जुड़ा है। इसके साथ ही गोकलपुर निवासी ब्रजेन्द्र लक्ष्मी यादव की जनहित याचिका पर भी एक साथ सुनवाई चल रही है।
इन याचिकाओं में प्रदेश की सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और प्रशासनिक लापरवाही को चुनौती दी गई है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 11 जनवरी 2021 को राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित जिला मुख्यालयों में आवारा जानवरों को लेकर क्या नीति है? यदि मवेशियों को जानबूझकर खुला छोड़ा जाता है, तो क्या उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा?
5 हजार गौवंश के लिए बनेंगे गोकुलधाम
सुनवाई के दौरान उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने बेंच को बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रफुल्ल मून की ओर से दाखिल जवाब दाखिल किया गया है। उसमे कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने “स्वावलंबी गौशाला स्थापना नीति–2025” लागू की है।
इस नीति के तहत न्यूनतम 5,000 गौवंश के संरक्षण के लिए, लगभग 125 एकड़ भूमि पर गोकुलधाम / गौशालाओं की स्थापना की जाएगी। इनके संचालन के लिए स्पष्ट नियम और शर्तें निर्धारित की गई हैं।
कब कितने गौवंश को मिला आश्रय
सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में गौवंश संरक्षण की स्थिति इस प्रकार है—
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2021–22 : 1493 गौशालाओं में 2.43 लाख गौवंश
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2022–23 : 1758 गौशालाओं में 2.91 लाख गौवंश
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2023–24 : 1826 गौशालाओं में 2.95 लाख गौवंश
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2024–25 : 2287 गौशालाओं में 4.24 लाख गौवंश
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2025–26 (सितंबर 2025 तक) : 2524 पंजीकृत गौशालाओं में लगभग 4.75 लाख गौवंश संरक्षित
वर्तमान में प्रदेशभर में कुल 2832 पंजीकृत गौशालाएं संचालित हो रही हैं।
क्यों है मामला अहम
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सड़कों पर आवारा पशुओं से दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी
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शहरी क्षेत्रों में यातायात और जनसुरक्षा का मुद्दा
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गौवंश संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही पर न्यायिक निगरानी
अब इस महत्वपूर्ण जनहित मामले पर 4 फरवरी को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होगी।