दूसरे पक्ष के आरोपियों को पकड़ने दी 10 दिनों की आखिरी मोहलत, वरना होगी कार्रवाई
जबलपुर। Madhya Pradesh High Court ने दो पक्षों के बीच हुए विवाद से जुड़े एक आपराधिक मामले में पुलिस की एकतरफा कार्यशैली पर खितौला थाने के टीआई रमण सिंह मरकाम को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस संदीप एन भट्ट की अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक ही घटना से जुड़ी दो शिकायतों में अलग-अलग रवैया अपनाना गंभीर चिंता का विषय है। अदालत ने दूसरे पक्ष के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 दिनों की आखिरी मोहलत दी है। ऐसा न होने पर टीआई पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
5 नवंबर को हुआ था दो पक्षों में विवाद
टीआई को किया था तलब
इस मामले पर हाईकोर्ट में 8 जनवरी को हुई सुनवाई पर टीआई रमन सिंह मरकाम हाजिर हुए थे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा था कि एफआईआर दर्ज हुए काफी समय बीत चुका है। इसके बावजूद दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना, पुलिस की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण जांच की आशंका को जन्म देता है। अदालत ने विशेष रूप से कहा कि जब एक पक्ष पर कार्रवाई हो चुकी है, तो दूसरे पक्ष के मामले में ढिलाई कानून के समानता सिद्धांत के खिलाफ है। कोर्ट ने कहा था कि दूसरे पक्ष के आरोपी गिरफ्तारी से बच रहे हैं। उन्हें जल्द गिरफ्तार नहीं किया जाता तो कोर्ट 22 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर लल्लू लाल पटेल की जमानत अर्जी पर विचार करेगी।
टीआई को चेतावनी, आरोपियों को जमानत
गुरुवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान टीआई रमण सिंह मरकाम फिर से हाईकोर्ट में हाजिर हुए। दूसरे पक्ष के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अदालत ने टीआई को कड़ी फटकार लगाते हुए न सिर्फ उन्हें सख्त चेतावनी दी, बल्कि गिरतार आरोपी लल्लू लाल पटेल, प्रगति पटेल और अर्जुन प्रसाद पटेल को जमानत का लाभ दिया। आरोपियोंकी ओर से अधिवक्ता शरद शिशिर वर्मा व अपूर्व त्रिवेदी ने पक्ष रखा।
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