सुप्रीम कोर्ट का तात्कालिक आदेश, सभी पक्षों को शान्ति व्यस्वस्था कायम रखने के निर्देश
नई दिल्ली। भोजशाला सरस्वती मंदिर–मौलाना कमाल मौला मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तात्कालिक हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को बसंत पंचमी और जुमे की नमाज़ एक ही दिन पड़ने के कारण दोनों समुदायों को एक ही परिसर में, लेकिन अलग-अलग चिन्हित स्थानों पर धार्मिक आयोजन की अनुमति दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों से संयम, आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह आदेश मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर पीठ द्वारा दिए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण संबंधी अंतरिम निर्देशों को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (SLP) में पारित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि यह व्यवस्था केवल तात्कालिक स्थिति से निपटने के लिए है और इससे मूल मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 07 अप्रैल 2003 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आदेश में पहले से ही दोनों समुदायों के धार्मिक अधिकारों को संतुलित किया गया है। उसी के तहत शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज़ और बसंत पंचमी पर हिंदू समाज को पूजा की अनुमति दी गई है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार, मध्यप्रदेश सरकार और ASI की ओर से यह सुझाव दिया गया कि एक ही परिसर में अलग-अलग स्थान निर्धारित कर दोनों धार्मिक क्रियाएं कराई जाएं। याचिकाकर्ता पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि नमाज़ में शामिल होने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की अनुमानित संख्या जिला प्रशासन को पहले ही दी जाए, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा सकें। जिला प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क पास जारी करने या अन्य निष्पक्ष उपाय अपनाने की छूट दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता निलेश यादव, धीरेन्द्र सिंह परमार, भरत सिंह यादव व एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड हरमीत सिंह रूपराह ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि धार जिले में शांति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जाएगी।
आज ही देना होगी नमाजियों की सूची
अपने अंतरिम आदेश में शीर्ष कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच होने वाली नमाज में जितने भी लोग शामिल होंगे, उनकी सूची आज गुरुवार को ही जिला प्रशासन को मुहैया कराई जाए। सूची मिलने पर जिला प्रशासन जरूरी विजिटर पास जारी करें।
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