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लक्जरी कार से करते थे चोरी, पहचान बनी जमानत खारिज होने की वजह
जबलपुर। दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में 22 बकरियों की चोरी के सनसनीखेज मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। बकरियों द्वारा की गई पहचान को अहम साक्ष्य मानते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी वापस ले ली।
क्या है पूरा मामला
नोहटा थानांतर्गत ग्राम कुंजपुरा निवासी एक महिला के घर 15 सितंबर 2025 को चार आरोपी—बेसन खान, सलमान खान, राजेश उर्फ लाले खान और सवाल खान—पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने जबरन घर खुलवाया, महिला से मारपीट की, जेवर छीने और घर में बंधी 22 बकरियों (कीमत लगभग 2 लाख रुपये) को उठा ले गए। आरोपी पास खड़ी अपनी लक्जरी कार में बकरियों को भरने लगे। इसी दौरान पीड़िता और गांव वाले मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और चारों आरोपियों को धर-दबोचा। चोरी गई बकरियां और लक्जरी कार मौके से बरामद कर ली गई।
बकरियों की पहचान बनी मजबूत आधार
मामले की खास बात यह रही कि बकरियों द्वारा पहचान कराए जाने को अदालत ने मजबूत आधार माना। इसी आधार पर चार में से एक आरोपी सवाल खान की जमानत याचिका पर राहत नहीं दी गई।
रेकी कर करते थे वारदात
शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी ने अदालत को बताया कि आरोपी अलग-अलग जिलों में ठिकाने बनाकर पहले रेकी करते थे और फिर बकरियों की चोरी को अंजाम देते थे।
लक्जरी कार में किया था मॉडिफिकेशन
आरोपियों ने चोरी के लिए अपनी लक्जरी कार की सीटें मॉडिफाई कराई थीं, ताकि बकरियों को आसानी से रखा जा सके। इनके खिलाफ पन्ना, पवई और नोहटा थानों में भी बकरियों की चोरी के मामले दर्ज हैं।