LAW'S VERDICT

भोपाल यूनियन कार्बाइड केस: पानी के 18 सैंपल जांच में पास, हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से मांगे सुझाव

भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में अब 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई

लॉज वर्डिक्ट न्यूज़ | जबलपुर

भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास पीने के पानी के दूषित होने के दावों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) ने फैक्ट्री परिसर से लगे चार वार्डों के अलग-अलग स्थानों से लिए गए पानी के 18 सैंपलों की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की। PCB की रिपोर्ट के मुताबिक जांच किए गए सभी 18 सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सभी पक्षों को रिपोर्ट का अध्ययन कर अपने सुझाव और आपत्तियां पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 15 अक्टूबर 2026 को होगी।

यूनियन कार्बाइड के आसपास पानी दूषित होने का था दावा

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कुछ हस्तक्षेपकर्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष दावा किया था कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर से लगे चार गैस प्रभावित वार्डों (जेपी नगर वार्ड, छोला वार्ड, रूसल्ली वार्ड और करोड़ वार्ड) में पीने का पानी दूषित है और लोगों के पीने योग्य नहीं है। इन दावों को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद PCB ने चारों वार्डों के अलग-अलग स्थानों से पानी के कुल 18 सैंपल लिए और उनकी जांच कराई।

PCB की रिपोर्ट में सभी 18 सैंपल मानकों पर खरे

गुरुवार को हुई सुनवाई में PCB की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने डिवीजन बेंच को बताया कि पानी के सभी 18 सैंपलों की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर दी गई है। रिपोर्ट में सभी सैंपलों के निर्धारित मानकों पर खरा उतरने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को इसे पढ़ने और अपनी राय रखने का अवसर दिया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से रिपोर्ट पर अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने को कहा है।

2004 से हाईकोर्ट में लंबित है मामला

यह मामला वर्ष 2004 में आलोक प्रताप सिंह (अब स्वर्गीय) की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे को हटाकर उसे जलाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद फैक्ट्री परिसर से निकाले गए जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाया गया।

22 जुलाई की सुनवाई के बाद कराई गई पानी की जांच

मामले में 22 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कुछ हस्तक्षेपकर्ताओं ने फैक्ट्री से लगे चार वार्डों के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि इन क्षेत्रों का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए PCB को पानी के सैंपलों की जांच कराने के निर्देश दिए थे। अब PCB की रिपोर्ट में सभी 18 सैंपलों के निर्धारित मानकों पर खरे उतरने की जानकारी सामने आई है।

15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने PCB की रिपोर्ट पर सभी पक्षों को अपने सुझाव और आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को होगी। अगली सुनवाई में पक्षकारों की ओर से PCB की रिपोर्ट पर रखे जाने वाले तर्कों के बाद कोर्ट इस मामले में आगे के निर्देश दे सकता है।


हाईकोर्ट का आदेश देखें         WP-2802-2004

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