एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया ने किया लोकार्पण, एक साथ तीन अधिवक्ता अलग-अलग कोर्ट में VC से हो सकेंगे पेश
जबलपुर | लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ में न्यायिक अधोसंरचना और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विवेक रूसिया ने हाईकोर्ट परिसर में नवनिर्मित आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर, तीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) रूम और लिफ्ट क्रमांक-5 का लोकार्पण किया।
नई सुविधाओं से जहां वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, वहीं अधिवक्ताओं, पक्षकारों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को भी हाईकोर्ट परिसर में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
एक ही जगह 4 Arbitration और 4 Mediation Room
वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली (ADR) को मजबूत करने के उद्देश्य से सिल्वर जुबली हॉल के प्रथम तल पर नया आर्बिट्रेशन एवं मीडिएशन सेंटर तैयार किया गया है।
सेंटर में चार आधुनिक आर्बिट्रेशन कक्ष और चार मीडिएशन कक्ष बनाए गए हैं। इनमें आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि मध्यस्थता और पंचनिर्णय की कार्यवाही अधिक व्यवस्थित, गोपनीय और सुविधाजनक वातावरण में हो सके।
इस सुविधा से ऐसे विवादों के समाधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पूर्ण न्यायिक सुनवाई के बजाय मध्यस्थता या आर्बिट्रेशन के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।
3 नए VC रूम, अधिवक्ताओं का बचेगा समय
हाईकोर्ट में डिजिटल सुनवाई की सुविधा बढ़ाने के लिए प्रथम तल पर तीन स्वतंत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम भी शुरू किए गए हैं।
इनकी मदद से एक ही समय में तीन अधिवक्ता अलग-अलग न्यायालयों के समक्ष वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हो सकेंगे। इससे विशेष रूप से दूरस्थ स्थानों से जुड़े मामलों में वर्चुअल पेशी आसान होगी और अधिवक्ताओं के समय की भी बचत हो सकेगी।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए नई लिफ्ट
हाईकोर्ट परिसर के गेट क्रमांक-3 के पास लिफ्ट क्रमांक-5 भी शुरू की गई है।
इस सुविधा से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करने वाले पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं के लिए हाईकोर्ट परिसर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक होगा।
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विवेक अग्रवाल भी रहे मौजूद
लोकार्पण कार्यक्रम में जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विवेक अग्रवाल के साथ मुख्यपीठ जबलपुर के अन्य न्यायाधीशों की भी उपस्थिति रही।
इसके अलावा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धरमिंदर सिंह, अन्य रजिस्ट्रार, न्यायिक अधिकारी, हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
आधुनिक तकनीक से न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाने पर जोर
लोकार्पण के अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विवेक रूसिया ने आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने आर्बिट्रेशन और मीडिएशन जैसी वैकल्पिक विवाद निवारण व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने तथा डिजिटल सुविधाओं के विस्तार को न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शुरू हुई इन सुविधाओं से न्यायिक कामकाज को आधुनिक बनाने के साथ अधिवक्ताओं और आम पक्षकारों की सुविधा बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
