मतदान विवाद के बाद स्टेट बार काउंसिल का एक्शन, 15 दिन में नए चुनाव कराने के निर्देश
जबलपुर। जिला अधिवक्ता संघ, जबलपुर के चुनाव रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 7 सदस्यीय तदर्थ (एडहॉक) समिति का गठन कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी को समिति का संयोजक बनाया गया है, जबकि अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय को नया मुख्य चुनाव अधिकारी (Chief Election Officer) नियुक्त किया गया है। स्टेट बार काउंसिल ने नई चुनाव टीम को 15 दिनों के भीतर निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
फर्जी मतदान विवाद के बाद हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि सोमवार को मतदान के दौरान कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान की शिकायतों के बाद तत्कालीन मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने पूरा चुनाव निरस्त कर दिया था। चुनाव रद्द होने के बाद मामला स्टेट बार काउंसिल के पदेन अध्यक्ष एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह तक पहुंचा।
इसके बाद मंगलवार को स्टेट बार काउंसिल की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें जिला बार के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
7 सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन
स्टेट बार काउंसिल के सचिव आशीष आनंद के अनुसार, जिला अधिवक्ता संघ के संचालन और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित तदर्थ समिति में निम्न अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है—
- प्रहलाद चौधरी – संयोजक
- राजकुमार दुबे – सह-संयोजक
- संपूर्ण तिवारी – सदस्य
- सुनील चौबे – सदस्य
- अभय सिंह ठाकुर – सदस्य
- प्रवीण चतुर्वेदी – सदस्य
- अरविंद कुमार चौधरी – सदस्य
दिनेश उपाध्याय को मिली चुनाव की जिम्मेदारी
स्टेट बार काउंसिल ने अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय को नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से जिला बार एसोसिएशन के चुनाव कराए जाएं।
बार चुनाव पर अब सबकी नजर
फर्जी मतदान के आरोपों के कारण रद्द हुए चुनाव के बाद अब नई तदर्थ समिति और नए चुनाव अधिकारी के सामने निष्पक्ष एवं विवाद-मुक्त चुनाव कराने की बड़ी चुनौती होगी। अधिवक्ताओं की निगाहें अब आगामी चुनाव प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता पर टिकी हैं।
