जबलपुर कोर्ट का फैसला: 2 लाख रुपये के चेक बाउंस पर 4.10 लाख रुपये प्रतिकर और 9% ब्याज देने के आदेश
जबलपुर। चेक बाउंस के एक मामले में जबलपुर जिला अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आशीष बजाज को दोषी करार दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वंदना सिंह की अदालत ने आरोपी को 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही परिवादी को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 4.10 लाख रुपये का प्रतिकर (मुआवजा) देने का आदेश भी दिया है।
2 लाख रुपये का चेक हुआ था बाउंस
मामले में परिवादी नरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आशीष बजाज और यशोदा बजाज के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत परिवाद दायर किया था।
परिवाद के अनुसार आरोपियों ने परिवादी को 2 लाख रुपये का चेक जारी किया था। जब चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया तो वह अनादरित (बाउंस) हो गया। कानूनी नोटिस और बार-बार मांग के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा।
हस्ताक्षरों की जांच बनी अहम सबूत
ट्रायल के दौरान अदालत ने चेक, बैंक दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। सुनवाई में यह साबित हुआ कि विवादित चेक पर मौजूद हस्ताक्षर आशीष बजाज के ही थे।
हस्ताक्षरों का मिलान होने के बाद अदालत ने माना कि चेक विधिवत रूप से आरोपी द्वारा जारी किया गया था और भुगतान न करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर कोर्ट ने आशीष बजाज को दोषी ठहराया।
4.10 लाख रुपये का प्रतिकर देने के आदेश
अदालत ने आरोपी को छह माह की सजा के साथ परिवादी को 4,10,250 रुपये का प्रतिकर देने का निर्देश दिया। इस राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज भी देय होगा।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित प्रतिकर राशि जमा नहीं करता है तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
परिवादी की ओर से हुई प्रभावी पैरवी
मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता सचिन अग्रवाल, शीर्ष अग्रवाल, राजेन्द्र नामदेव, विनय तथा रजिन्द्रनाथ बाबा ने पैरवी की।
अदालत का आदेश देखें Complaint Case No./1028/2016
