LAW'S VERDICT

‘मैं यहां से विदा नहीं ले रहा, मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं’: जस्टिस संजीव सचदेवा

जबलपुर। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने कहा कि भले ही वे अब सर्वोच्च न्यायालय में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और यहां के अधिवक्ताओं से रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “मैं यहां से विदा नहीं ले रहा हूं। किसी को भी कभी मेरी जरूरत पड़े तो मेरे दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।”

यह बात उन्होंने सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई एवं स्वागत समारोह में कही। कार्यक्रम में नवनियुक्त कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया, ग्वालियर से स्थानांतरित होकर आए आनंद पाठक, इंदौर से आए प्रणय वर्मा तथा संजीव कालगांवकर का स्वागत किया गया। वहीं, जबलपुर से इंदौर स्थानांतरित हुए विनय सराफ को विदाई दी गई।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बोले- वकीलों की समस्याओं का होगा समाधान

समारोह को संबोधित करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया ने कहा कि वे स्वयं बार एसोसिएशन के सदस्य रह चुके हैं और अधिवक्ताओं की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके कार्यकाल में वकीलों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा।

‘मेरे कार्यकाल में एक भी हड़ताल नहीं हुई’

अपने संबोधन में जस्टिस संजीव सचदेवा ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बिताए लगभग दो वर्षों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि इस दौरान उनकी हिंदी काफी बेहतर हो गई। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पूरे कार्यकाल में किसी भी मुद्दे पर वकीलों ने हड़ताल नहीं की, जो न्यायिक व्यवस्था और बार-बेंच के बेहतर समन्वय का प्रमाण है।

उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट को विश्वस्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुविधाएं मिली हैं और अब सभी की जिम्मेदारी है कि इस तकनीकी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।

मप्र के योग्य अधिवक्ताओं को मिले अवसर

कार्यक्रम का संचालन कर रहे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव पारितोष त्रिवेदी ने जस्टिस सचदेवा से आग्रह किया कि मध्य प्रदेश के अनेक प्रतिभाशाली अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अवसर मिलने पर जस्टिस सचदेवा योग्य अधिवक्ताओं के नाम न्यायाधीश पद के लिए आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मान


समारोह के दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने जस्टिस संजीव सचदेवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उनकी धर्मपत्नी रश्मि सचदेवा और बहन तरुण ढींगरा का भी महिला पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।

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