महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत बोले- हमारी न्याय व्यवस्था की दुनिया भर में हुई सराहना
जबलपुर। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया जस्टिस सूर्यकान्त ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जब पूरा देश थम गया था, तब भी अदालतें लगातार काम करती रहीं। न्यायपालिका ने तकनीक और डिजिटल व्यवस्था की मदद से न्याय वितरण की प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखा, जिसकी पूरी दुनिया में सराहना हुई।
महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा आयोजित “डिजिटल ट्रांसमिशन: एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्टम” विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अब भारतीय अदालतों की पहचान लाल कपड़ों में बंधी फाइलों से नहीं होती, बल्कि डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम नई पहचान बन चुका है।
उन्होंने कहा कि ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम ने भारतीय न्यायपालिका को नई दिशा दी है। Sikkim की तरह Madhya Pradesh भी पूर्णत: पेपरलेस न्याय व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इस मौके पर महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
तकनीक बाधा नहीं, न्याय तक पहुंच का पुल बने
सीजेआई ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन के दौरान यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए तकनीक बाधा न बने। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक को न्याय तक पहुंच आसान बनाने वाला “पुल” बनना चाहिए।
नया स्वर्णिम युग देख रहा देश: मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नए स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर और शाह बानो जैसे ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय लोकतंत्र को मजबूत करते हैं।
पेपरलेस सिस्टम से मुकदमों के निराकरण में तेजी
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने पेपरलेस लीगल सिस्टम की उपयोगिता बताई। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अरजुम राम मेघवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
बेहतर तरीके से काम कर रहे लॉ ऑफिसर्स
मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के लॉ ऑफिसरों की मौजूदा टीमें सर्वश्रेष्ठ हैं। समय पर जवाब प्रस्तुत किए जाने से अदालतों को मामलों के शीघ्र निराकरण में काफी सहायता मिल रही है।
सेमीनार में ये भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मप्र हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश विवेक रूसिया सहित सभी न्यायाधीश, मप्र सरकार के लोनिवि के मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, नीलेश यादव, जान्हवी पंडित, उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली, अभिजीत अवस्थी, वीर विक्रांत सिंह सहित बड़ी संख्या में महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने किया।

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