जस्टिस विवेक रूसिया बने मप्र हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Justice Sanjeev Sachdeva मंगलवार सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 29वें मुख्य न्यायाधीश रहे और अब सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने वाले प्रदेश हाईकोर्ट के 19वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में उनका कार्यकाल 17 जुलाई 2025 से 1 जून 2026 तक कुल 320 दिनों का रहा। सुप्रीम कोर्ट में उनका संभावित कार्यकाल लगभग साढ़े तीन वर्ष रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट को मिले पांच नए न्यायाधीश
केंद्र सरकार ने सोमवार को पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दी। इसकी जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने साझा की। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी और केवल एक पद रिक्त रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए न्यायाधीश
- Justice Sheel Nagu – मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- Justice Shree Chandrashekhar – मुख्य न्यायाधीश, बॉम्बे हाईकोर्ट
- Justice Sanjeev Sachdeva – मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
- Justice Arun Palli – मुख्य न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट
- V. Mohana – बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त होने वाली देश की दूसरी महिला
वी. मोहना ने रचा इतिहास
वरिष्ठ अधिवक्ता V. Mohana बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनने वाली देश की दूसरी महिला बन गई हैं। इससे पहले वर्ष 2018 में Indu Malhotra को सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
जस्टिस विवेक रूसिया बने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस विवेक रूसिया को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) नियुक्त किया है।
नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होने तक जस्टिस रूसिया प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। जस्टिस रूसिया ने 8 अगस्त 1992 को वकालत शुरू की थी और 7 अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। स्कूल बसों के संचालन और निजी स्कूल फीस नियमन से जुड़े उनके कई फैसले चर्चा में रहे हैं।
पदोन्नति में आरक्षण मामले की फिर होगी सुनवाई
मध्य प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े बहुचर्चित मामलों की सुनवाई अब नए सिरे से होने की संभावना है। इन याचिकाओं में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।
इन मामलों की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और Justice Vinay Saraf की डिवीजन बेंच ने पूरी कर 17 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन अब चीफ जस्टिस सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट जाने और जस्टिस विनय सराफ के इंदौर खंडपीठ स्थानांतरण के कारण यह मामला नई बेंच के समक्ष दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में एक और प्रतिनिधित्व मिला।
- सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या लगभग पूर्ण क्षमता तक पहुंच गई।
- मप्र हाईकोर्ट में नेतृत्व परिवर्तन हुआ।
- पदोन्नति में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई पर असर पड़ सकता है।
- बार से सीधे नियुक्ति के जरिए न्यायपालिका में विविध अनुभवों का समावेश हुआ।
इन दिग्गजों को मिली सुप्रीम कोर्ट में जगह:
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले हफ्ते ही इन नामों की सिफारिश भेजी थी, जिसे केंद्र ने तेजी से मंजूरी दी:
1 जस्टिस शील नागू: मुख्य न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट।
2 जस्टिस श्री चंद्रशेखर: मुख्य न्यायाधीश, बॉम्बे हाई कोर्ट।
3 जस्टिस संजीव सचदेवा: मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट।
4 जस्टिस अरुण पल्ली: मुख्य न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट।
5 सीनियर एडवोकेट वी. मोहना: बार (वकालत) से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनने वाली देश के इतिहास की दूसरी महिला बनीं।






