LAW'S VERDICT

ढाई घंटे कोर्ट में रहे विधायक संजय पाठक, 15 जुलाई को फिर हाजिर होने के निर्देश

जज को फोन करने पर हाईकोर्ट में चल रहा है क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस, व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से साफ इनकार

जबलपुर। Madhya Pradesh High Court ने कटनी के भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ चल रहे आपराधिक अवमानना मामले में सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि अगली तारीख पर भी विधायक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना पड़ेगा।

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा  और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई तय की। विधायक की ओर से अगली पेशी से छूट मांगी गई थी, लेकिन कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी।

जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन कॉल बना मुसीबत

पूरा मामला जस्टिस विशाल मिश्रा को कथित फोन कॉल करने की कोशिश से जुड़ा है। 1 सितंबर 2025 को सुनवाई के दौरान खुद जस्टिस मिश्रा ने इस बात का खुलासा किया था कि विधायक संजय पाठक की ओर से उनसे संपर्क करने की कोशिश हुई थी। मामला सामने आने के बाद जस्टिस मिश्रा विधायक परिवार से जुड़ी खदानों के मामलों की सुनवाई से अलग हो गए थे।

इसके बाद हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को प्रथम दृष्टया इसे क्रिमिनल कंटेम्प्ट मानते हुए नोटिस जारी किया था। 21 अप्रैल को पहली पेशी हुई और अब विधायक दूसरी बार कोर्ट में पेश हुए।

ढाई घंटे कोर्ट में बैठे रहे विधायक

सुनवाई के लिए संजय पाठक दोपहर करीब ढाई बजे हाईकोर्ट पहुंचे और करीब सवा दो घंटे तक अदालत परिसर में मौजूद रहे। उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता Mukul Rohatgi वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। साथ में वरिष्ठ अधिवक्ता Anil Khare, अधिवक्ता संपूर्ण तिवारी और शमिला इरम फातिमा ने पैरवी की।

पत्रकारों के सवाल पर बचते नजर आए संजय पाठक


कोर्ट से बाहर निकलते ही पत्रकारों ने विधायक से सीधा सवाल पूछा—“क्या आपने जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन किया था?” इस सवाल पर संजय पाठक ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि फैसला आने के बाद सबको जवाब मिल जाएगा।

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