LAW'S VERDICT

‘मैं सिर्फ 16 साल की हूं, मां नहीं बनना चाहती’

18 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग ने मां बनने से किया इनकार, MP हाईकोर्ट ने मांगी मेडिकल रिपोर्ट

जबलपुर। Madhya Pradesh High Court ने 16 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की गर्भपात याचिका पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को पूरी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता ने कोर्ट से कहा है कि वह अभी नाबालिग है और मां नहीं बनना चाहती, इसलिए उसे गर्भपात की अनुमति दी जाए। जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की वेकेशन बेंच ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अगली सुनवाई 25 मई को तय की है।

क्या है पूरा मामला?

जबलपुर के चरगवां थाना क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 18 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मांगी है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर चरगवां थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस जांच और मेडिकल परीक्षण के दौरान किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पीड़िता ने मानसिक, सामाजिक और शारीरिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए गर्भपात की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट ने क्या कहा?

प्रारंभिक सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से अधिवक्ता दिव्य कीर्ति बोहरे और राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता वीर विक्रांत सिंह ने पक्ष रखा।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़िता की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गर्भपात से जुड़े चिकित्सकीय और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा सके।

25 मई को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 25 मई को होगी। अदालत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह तय करेगी कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कानून के तहत गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।


हाईकोर्ट का आदेश देखें   WP-19089-2026

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