LAW'S VERDICT

मुफ्त मुक्ति वाहन योजना: अब टोल-फ्री नंबर डायल करते ही मिलेगा शव वाहन

हाईकोर्ट के निर्देश- ‘155334 नंबर का व्यापक प्रचार करे सरकार, ताकि शोकग्रस्त परिवारों को न भटकना पड़े’

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि ‘एमपी मुक्ति वाहन योजना’ (Free Hearse Vans Service) के तहत जारी टोल-फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा कि सेवा उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

क्या है ‘मुक्ति वाहन योजना’ 

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना के तहत:

  • राज्य में 148 शव वाहन (Dead Body Transport Vehicles) तैनात हैं।
  • गरीब और जरूरतमंद परिवारों को नि:शुल्क शव परिवहन सेवा दी जाती है।
  • यह सेवा विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है, जो अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में सक्षम नहीं होते।

अब इस सुविधा के लिए सिर्फ एक टोल-फ्री नंबर डायल करना होगा: 155334

जानकारी पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी: हाईकोर्ट 

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा:

  • टोल-फ्री नंबर जारी करना पर्याप्त नहीं है। 
  • जब तक आम जनता को इसकी जानकारी नहीं होगी, योजना का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि प्रभावी प्रचार अभियान चलाया जाए

जनहित याचिका में क्या कहा गया था

भोपाल निवासी राशिद नूर खान की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि योजना के तहत प्रदेश भर के लिए सरकार के पास 148 शव वाहन तो उपलब्ध हैं, लेकिन लोगों को यह पता ही नहीं कि सेवा कैसे ली जाए। राज्य स्तर पर हेल्पलाइन को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जोड़ा जाए। हालांकि सरकार ने कोर्ट को बताया कि पहले से ही 155334 हेल्पलाइन नंबर चालू है, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।

कोर्ट के प्रमुख निर्देश  

हाईकोर्ट ने सरकार को ये अहम निर्देश दिए:

1. व्यापक प्रचार-प्रसार

  • रेडियो, टीवी, सोशल मीडिया और अखबारों में प्रचार किया जाए।
  • टीवी चैनलों पर टिकर (Ticker) के जरिए जानकारी दी जाए।

2. सार्वजनिक स्थानों पर जानकारी

  • अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर नंबर प्रदर्शित किया जाए।
  • सरकारी दफ्तरों और पंचायत स्तर तक सूचना पहुंचे।

3. सेवा की स्पष्ट जानकारी

  • जनता को बताया जाए कि सेवा पूरी तरह नि:शुल्क (Free of Cost) है।
  • यह सेवा 24x7 उपलब्ध है (जहां लागू हो)। 

आम जनता को क्या फायदा होगा

मप्र हाईकोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से:

  • शोक की स्थिति में परिवारों को भटकना नहीं पड़ेगा
  • आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत भी मिलेगी।
  • अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में सम्मानजनक सुविधा मिलेगी।

हाईकोर्ट का आदेश देखें     WP-46424-2025

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