जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने शासन और प्रशासन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर शहर के रिहायशी इलाकों में बिना फायर एनओसी संचालित हो रहे कमर्शियल गोदामों और फैक्ट्रियों के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि आखिर बिना फायर सेफ्टी अनुमति के शहर में ऐसे गोदाम कैसे संचालित हो रहे हैं।
जस्टिस एमएस भट्टी और जस्टिस बीपी शर्मा की वेकेशन बेंच ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन और प्रशासन को चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित की गई है।
जनहित याचिका में क्या कहा गया?
यह जनहित याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपाण्डे और रजत भार्गव की ओर से दायर की गई है।
याचिका में कहा गया है कि संस्कारधानी जबलपुर के घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर कमर्शियल गोदाम और फैक्ट्रियां संचालित की जा रही हैं। इनमें से अधिकांश के पास फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं है और न ही किसी बड़े हादसे से निपटने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व में शहर में हुए अग्निकांडों से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया और सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
हाईकोर्ट में किसने रखीं दलीलें?
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह चौहान उपस्थित हुए। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
महापौर ने स्टाफ की कमी बताई
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मुद्दे को लेकर जब शहर की महापौर से मुलाकात की गई, तो उन्होंने नगर निगम में स्टाफ की कमी का हवाला दिया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, निगम के पास पर्याप्त अमला नहीं होने के कारण फायर सेफ्टी नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है।
याचिका में दिए गए प्रमुख उदाहरण
याचिका में शहर के कई इलाकों का उल्लेख करते हुए अवैध रूप से संचालित गोदामों और फैक्ट्रियों का हवाला दिया गया है—
- बलदेवबाग : घनी आबादी के बीच बारदाना गोदाम
- गुजराती कॉलोनी : फाइबर चेयर का बड़ा गोदाम
- तिलकभूमि : कोयला गोदाम (कोल डिपो)
- रद्दी चौकी : फर्नीचर के विशाल गोदाम
- मनमोहन नगर : रिहायशी क्षेत्र में एसिड गोदाम
- शांति नगर : बिना एनओसी कपड़ा और अगरबत्ती फैक्ट्रियां
- सिल्वर ओक कंपाउंड : फुटवियर गोदाम
