मुख्यमंत्री कन्या योजना में आज भोपाल में होना है निकाह
जबलपुर | मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील मामले में संतुलित रुख अपनाते हुए आतंकवाद के आरोपी को सीमित राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी को बहन के निकाह में शामिल होने के लिए सिर्फ 4 घंटे की अनुमति दी है—वह भी कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच। यह आदेश जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने दिया। अदालत ने निर्देश दिए कि आरोपी को दोपहर 2 बजे पुलिस सुरक्षा में निकाह स्थल ले जाया जाए और शाम 6 बजे तक उसे वापस जेल में दाखिल कर दिया जाए।
NIA ने किया था गिरफ्तार
भोपाल निवासी सलमान अंसारी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया था। उस पर प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उल तहरीर से जुड़े होने और देश में संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
एनआईए के अनुसार, यह संगठन मध्यप्रदेश में गुप्त रूप से युवाओं को जोड़कर नेटवर्क तैयार कर रहा था, उन्हें प्रशिक्षण दे रहा था और हथियार-गोला बारूद जुटाने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि संगठन भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक स्थलों और नेताओं को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
बहन के निकाह के लिए मांगी थी राहत
फिलहाल भोपाल जेल में बंद सलमान अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 19 अप्रैल 2026 को होने वाली अपनी बहन मुस्कान के निकाह में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। यह निकाह मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है।
अदालत का संतुलित फैसला
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली और अधिवक्ता अहमद साजिद हुसैन ने पक्ष रखा, जबकि एनआईए की ओर से अधिवक्ता आशीष मिश्रा ने आपत्ति दर्ज कराई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पूर्ण जमानत देने से इनकार करते हुए मानवीय आधार पर सीमित राहत दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को केवल 4 घंटे के लिए, सख्त निगरानी और पुलिस सुरक्षा में निकाह में शामिल होने की अनुमति दी जाती है।
क्या संदेश देता है यह फैसला?
यह आदेश दर्शाता है कि अदालतें गंभीर आरोपों वाले मामलों में भी मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज नहीं करतीं, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाता।
