LAW'S VERDICT

रीवा जिला बार के कल होने वाले चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

30 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान न होने पर हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश 

जबलपुर। मप्र उच्च न्यायालय ने बुधवार को होने वाले रीवा जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव पर रोक लगा दी है। मामला चुनाव में महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण का पालन न होने से सम्बंधित है। एक महिला अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने मंगलवार को स्टेट बार कौंसिल और रेवा के जिला सत्र न्यायाधीश को नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया। मामले पर अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। 

रीवा की अधिवक्ता जतिंदर कौर की ओर से दाखिल इस याचिका में वहां की जिला बार एसोसिएशन के होने वाले चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाये गए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 7 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के तहत चुनाव की प्रक्रिया ऐसे तरीके से शुरू की गई, जो मॉडल बायलॉज और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि चुनाव समिति का गठन ऐन वक्त पर किया गया, जबकि इसके लिए निर्धारित समयसीमा का पालन अनिवार्य था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि अब तक प्रारंभिक मतदाता सूची तक प्रकाशित नहीं की गई, जिससे अधिवक्ताओं को अपने नामों की पुष्टि और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा सदस्यता शुल्क और वैध मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी नियमों के अनुरूप नहीं अपनाई गई।

महिला आरक्षण का मुद्दा भी उठाया 

मामले में एक और बड़ा मुद्दा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण का है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस अनिवार्य प्रावधान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लैंगिक समानता के सिद्धांत के भी खिलाफ है। इन सभी आरोपों के चलते याचिकाकर्ताओं ने पूरे चुनाव प्रक्रिया को अवैध और निरस्त करने की मांग की है।  

मुख्य चुनाव अधिकारी हुए तलब 

मामले पर मंगलवार की सुबह हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने जिला बार चुनाव के लिए बनाये गए मुख्य चुनाव अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर होने कहा था। दोपहर ढाई बजे मामले पर हुई सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी सूर्यनाथ पांडे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिया सुनवाई से जुड़े। बेंच ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करके चुनाव पर रोक लगाने के आदेश दिए। 

हाईकोर्ट का आदेश देखें   WP-10351-2026

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