जनहित याचिका पर राज्य सरकार, कटनी नगर निगम व अन्य से माँगा जवाब
जबलपुर। कटनी शहर में सीवर लाइन परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। डेढ़ वर्ष में पूरा होने वाली 51 करोड़ रुपये की परियोजना के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी आधा-अधूरा रहने पर अदालत ने संबंधित अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिए। अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।
डेढ़ साल की समयसीमा, दो साल बाद भी अधूरा काम
कटनी के अधिवक्ता मोसुफ अहमद बिट्टू द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि मेहसाणा (गुजरात) की जयंती सुपर कंस्ट्रक्शन कंपनी को 21 मार्च 2023 को सीवर लाइन बिछाने का ठेका दिया गया था। परियोजना की लागत 51 करोड़ रुपये तय की गई थी और इसे डेढ़ वर्ष में पूरा किया जाना था। याचिका के अनुसार, दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य आधा ही हो पाया है। कई स्थानों पर 10-10 फीट गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है और आमजन की सुरक्षा खतरे में है।
सड़कों की हालत खराब, यातायात बाधित
याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधूरे निर्माण कार्य के कारण शहर की सड़कों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। जगह-जगह खुदाई के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। असमतल सड़कों और खुले गड्ढों के चलते दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है, जिससे नागरिकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
याचिकाकर्ता का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। पर्याप्त समय होने के बावजूद कार्य में प्रगति न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ कुमार शर्मा ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
