LAW'S VERDICT

साइबर फ्रॉड होने पर घबराएं नहीं, शिकायत करेंगे तो वापस मिलेगी रकम

जबलपुर।  आजकल देश में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार लोगों को फोन आता है – “हेलो सर, आपका एटीएम ब्लॉक हो गया है, हम बैंक से बोल रहे हैं…”। जैसे ही व्यक्ति कॉल करने वाले के झांसे में आता है और अपनी जानकारी उनके साथ साझा करता है, उसका बैंक खाता खाली हो जाता है।

जानकारी के अभाव में कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो जाते हैं। लेकिन यदि समय रहते सही जगह शिकायत कर दी जाए, तो आपका पैसा बचाया जा सकता है और कई मामलों में वापस भी मिल सकता है। साइबर फ्रॉड होने पर आपके पास कानूनी अधिकार हैं और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी होती है।

सबसे पहले क्या करें

- तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें
भारत सरकार की साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।

- राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें
https://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दें
साइबर फ्रॉड की लिखित शिकायत अपने नजदीकी थाने में भी दर्ज कराई जा सकती है।

क्या हैं आपके कानूनी अधिकार

यदि आपने 24 घंटे के भीतर फ्रॉड की सूचना बैंक या हेल्पलाइन को दे दी, तो नियमों के अनुसार बैंक पर राशि वापस करने की जिम्मेदारी बन सकती है, खासकर जब ग्राहक की लापरवाही साबित न हो।

इन साइबर फ्रॉड से रहें सावधान

1- KYC अपडेट के नाम पर कॉल
2- अनजान लिंक पर क्लिक करवाना
3- लॉटरी या इनाम जीतने का झांसा
4- नकली UPI ऐप या स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए ठगी

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें

अपना OTP या पासवर्ड किसी को न बताएं
फोन पर बैंक डिटेल साझा न करें
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
मोबाइल और ईमेल पर बैंक अलर्ट हमेशा ऑन रखें

अगर बैंक लापरवाही करे तो क्या करें

बैंक कार्रवाई नहीं करता है तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
यदि बैंक पैसा वापस नहीं करता, तो बैंकिंग लोकपाल या उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज किया जा सकता है।

याद रखें — अपने अधिकारों की जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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