2 महिला उम्मीदवारों की याचिका पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का फैसला
2018 में पास किया था TET
कटनी निवासी सरस्वती पाटीदार और नरसिंहपुर की रेणुका यादव ने वर्ष 2018 में टीईटी उत्तीर्ण किया था। उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया कि प्रदेश में मिडिल स्कूल शिक्षकों के पद रिक्त हैं और वर्ष 2024 में नई नियुक्तियों के लिए विज्ञापन भी जारी किया गया है। ऐसे में उन्हें वर्ष 2018 के नियमों के तहत नियुक्ति देने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाएं।
आमसूचना के बाद भी आवेदन नहीं
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन ने दलील दी कि वर्ष 2022 में जारी आम सूचना के बावजूद याचिकाकर्ताओं ने आवेदन नहीं किया। अब नई चयन प्रक्रिया लागू हो चुकी है और नियमों में बदलाव हो चुका है, इसलिए पुराने नियमों के आधार पर नियुक्ति की मांग विधिसम्मत नहीं है।
7 वर्षों तक कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया: हाईकोर्ट
डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने 7 वर्षों तक कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया। 29 सितंबर 2022 की आम सूचना के समय भी उन्होंने आवेदन नहीं किया। नियमों में संशोधन के बाद नई चयन प्रक्रिया प्रभावी हो चुकी है। इतने लंबे अंतराल के बाद नियुक्ति की मांग करना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समयसीमा और सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। विलंब के बाद अधिकार का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस प्रकार कोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।
हाईकोर्ट का आदेश देखें WP-13533-2025
