LAW'S VERDICT

899.08 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण पूरा, कोर्ट ने पूछा—अब आगे क्या और कैसे?

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे पर सरकार से पूछा  

जबलपुर। भोपाल स्थित Union Carbide Corporation फैक्ट्री परिसर में वर्षों से पड़े जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण का पहला चरण पूरा होने की जानकारी राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाईकोर्ट में पेश की है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की डिवीजन बेंच ने मामले पर अगली सुनवाई 13 मार्च को निर्धारित की है।

899.08 मीट्रिक टन कचरा निपटाया गया

कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, 899.08 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण पीथमपुर में किया जा चुका है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा 3 दिसंबर 2024 और 10 दिसंबर 2025 को पारित आदेशों के अनुपालन में की गई है। उल्लेखनीय है कि 2-3 दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात भोपाल में हुई गैस त्रासदी ने दुनिया को झकझोर दिया था। फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव के कारण 3,828 लोगों की मौत हुई, जबकि 18,922 लोग घायल हुए। हजारों लोग स्थायी रूप से विकलांग हो गए। इस त्रासदी से जुड़े मामलों को लेकर वर्ष 2004 में स्वर्गीय आलोक प्रताप सिंह द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी। बाद में वर्ष 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन का मामला सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट को मॉनिटरिंग के लिए भेजा गया। तब से यह मामला लगातार न्यायालय की निगरानी में है।

कोर्ट का अहम सवाल- दूसरे चरण की क्या योजना?

सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली उपस्थित हुए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने कहा कि पहला चरण पूरा हो चुका है, अब दूसरे चरण की कार्ययोजना स्पष्ट की जानी चाहिए। इस पर बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में मौजूद प्लांट और शेष संरचनाओं के संबंध में विस्तृत एक्शन प्लान प्रस्तुत किया जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि अगले चरण में क्या कार्रवाई होगी और किस प्रक्रिया से होगी।अब 13 मार्च की सुनवाई में सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि जहरीले अवशेषों और परिसर के संपूर्ण निस्तारण की आगे की रणनीति क्या होगी।

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