मामले में गिरफ्तार एसडीओपी पूजा पांडे का बहनोई है वीरेंद्र दीक्षित
जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सिवनी के बहुचर्चित 2.97 करोड़ रुपये हवाला लूट कांड में अहम आदेश पारित करते हुए आरोपी वीरेंद्र दीक्षित को नियमित जमानत दे दी है। वीरेंद्र दीक्षित इस बहुचर्चित मामले में गिरफ़्तार एसडीओपी पूजा पांडे का बहनोई है। न्यायमूर्ति डी.एन. मिश्रा की एकलपीठ ने प्रकरण की परिस्थितियों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए यह राहत प्रदान की। हालाँकि न्यायलय ने वीरेन्द्र दीक्षित को हिदायत दी है कि जमानत मिलने के बाद वो न तो गवाहों से मिलेगा और न ही उन्हें प्रभावित करने का प्रयास करेगा।
अक्टूबर में पकड़ी गई थी हवाला की रकम
अक्टूबर 2025 में सिवनी जिले के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक कार से लगभग 3 करोड़ रुपये की कथित हवाला राशि जब्त करने का दावा किया था। बाद में मामला उस समय तूल पकड़ गया जब आरोप लगे कि जब्त की गई रकम में से करीब 1.5 करोड़ रुपये पुलिस टीम ने ही हड़प लिए। जांच के बाद तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे समेत 11 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी।
वीरेंद्र दीक्षित पर क्या थे आरोप
वीरेंद्र दीक्षित, मुख्य आरोपी पूजा पांडे के बहनोई हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना के समय दोनों के बीच कई बार फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेशों का आदान-प्रदान हुआ, जिसे अपराध के लिए उकसाने और साजिश में सहभागिता का आधार बताया गया।
बचाव पक्ष की दलीलें
आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त, अधिवक्ता मयंक शर्मा, सुशील कुमार तिवारी व असीम त्रिवेदी ने कोर्ट में तर्क दिया कि कथित व्हाट्सएप चैट की कोई ठोस रिकवरी आरोपी के मोबाइल से नहीं हुई। पारिवारिक संबंधों के कारण वीरेंद्र का एसडीओपी पूजा पांडे से संपर्क करना स्वाभाविक था, क्यूंकि उस समय मुख्य आरोपी पूजा पांडे का बीमार पुत्र और सास वीरेंद्र के घर पर थे। आरोपी घटनास्थल पर मौजूद नहीं था।
क्या मायने हैं इस आदेश के?
हाईकोर्ट के इस आदेश को सिवनी हवाला कांड में एक अहम कानूनी पड़ाव माना जा रहा है। हालांकि, प्रकरण की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी और अंतिम निर्णय साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
हाईकोर्ट का आदेश देखें MCRC-2916-2026
.png)