LAW'S VERDICT

पोहे और गरम समोसे की खुशबू हमारी पहचान, दुकान उजड़ी तो कहाँ जाएंगे

37 साल से ‘समोसा-पोहे’ से परिवार चला रहे नरेंद्र की पीड़ा हाईकोर्ट ने सुनी, 15 दिन के लिए मिली सशर्त राहत 

इंदौर। शहर के दिल राजवाड़ा, में पिछले 37 सालों से ‘समोसा’ और ‘पोहे’ की छोटी-सी दुकान चलाकर परिवार का पेट पाल रहे एक नरेंद्र बागरेचा की पीड़ा हाईकोर्ट ने सुनी है। नगर निगम ने 24 फरवरी 2026 को नोटिस जारी कर उस भवन को मानव उपयोग के लिए असुरक्षित बताते हुए खाली करने को कहा, था जहां नरेंद्र अपनी दुकान चलाता है। हाईकोर्ट में गुहार लगाकर नरेंद्र ने कहा था कि दुकान न रहेगी तो वह अपने परिवार का पेट कैसे पालेगा। जस्टिस जेके पिल्लई की अदालत ने उसकी तत्काल बेदखली पर रोक लगाते हुए नगर निगम को 15 दिन में सुनवाई कर कारणयुक्त आदेश देने के निर्देश दिए हैं।

37 साल की रोज़ी-रोटी पर संकट

याचिकाकर्ता का कहना है कि वह 1989 से उसी दुकान में समोसा-पोहे का व्यापार कर रहा है। सुबह की पहली चाय के साथ पोहे की खुशबू और गरम समोसे—यही उसकी पहचान और परिवार की आय का एकमात्र सहारा है।
अब नगर निगम ने नोटिस जारी कहा कि  जिस भवन में वह दुकान चला रहा, वह  जर्जर है और सुरक्षा कारणों से उसे खाली कराया जाएगा। नरेंद्र की ओर से अधिवक्ता चेतन जैन का तर्क था कि बिना आपत्ति सुने अचानक एकतरफा कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है।

पहले दिया जाए सुनवाई का मौका 

सुनवाई के दौरान जस्टिस पिल्लई की अदालत ने पाया कि कार्रवाई Madhya Pradesh Municipal Corporation Act, 1956 की धारा 310 के तहत की गई, जो खतरनाक भवनों को गिराने/मरम्मत कराने की शक्ति आयुक्त को देती है। अदालत ने संतुलित रुख अपनाते हुए नगर निगम को कानून के दायरे में निर्णय लेने को कहा।अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले दुकानदार को विस्तृत आपत्ति दाखिल करने का अवसर देकर उसे सुनवाई का मौका मिलना चाहिए। उसके बाद अगले 15 दिन में कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए। 15 दिन की इस अवधि तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।

छोटे कारोबार से जीवित है स्ट्रीट फ़ूड संस्कृति 

राजवाड़ा की गलियों में दशकों से चल रही छोटी दुकानों से ही इंदौर की स्ट्रीट फूड संस्कृति जीवित है। ऐसे मामलों में सुरक्षा जरूरी है, पर रोज़ी-रोटी का सवाल भी उतना ही अहम है। अब निगाहें नगर निगम के अंतिम निर्णय पर हैं- क्या दुकान की मरम्मत का रास्ता निकलेगा या 37 साल की दुकान पर ताला लगेगा?

हाईकोर्ट का आदेश देखें  WP-7615-2026

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