हाईकोर्ट में पेश किया गया जांच का ब्यौरा, जांच पूरी करने एसटीएफ को मिली 4 हफ्ते की मोहलत
जबलपुर। बल्देवबाग चौराहे पर हेलमेट चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी से पूर्व महापौर प्रभात साहू की हुई कथित झड़प के मामले की जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच के सामने एसटीएफ संतोष कुमार तिवारी ने जांच का स्टेटस पेश कर 4 सप्ताह का समय माँगा। सीलबंद लिफ़ाफ़े में पेश किये ब्यौरे पर गौर करने के बाद डिवीज़न बेंच ने एसटीएफ को अतिरिक्त समय प्रदान कर सुनवाई 24 मार्च तक के लिए मुल्तवी कर दी।
वकील ने दाखिल की है जनहित याचिका
याचिका जबलपुर के अधिवक्ता मोहित वर्मा द्वारा दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि 18 सितंबर 2025 को बल्देवबाग चौराहे पर पुलिस हेलमेट चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना हेलमेट लगाए वहां से पूर्व महापौर प्रभात साहू निकले जिन्हें पुलिस वालों ने रोका। इसी बात पर पूर्व महापौर की पुलिस वालों से झड़प हुई। इस दौरान एक भाजपा विधायक भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, जिससे वहां काफी हंगामा भी मचा था। याचिका में आरोप है कि चेकिंग करने वाले आरक्षक कृष्ण कुमार की न सिर्फ पिटाई हुई, बल्कि उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। विवाद के तूल पकड़ने के बाद भी पूर्व महापौर के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई।
लार्डगंज टीआई हुए थे तलब
इस मामले पर हाईकोर्ट ने लार्डगंज थाने के टीआई नवल आर्य को केस डायरी के साथ तलब किया था। इस मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने माना था कि लॉर्डगंज थाना पुलिस ने अपने ही पुलिसकर्मी पर तो मामला दर्ज किया, लेकिन प्रभात साहू के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की जांच को पक्षपातपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट ने 23 जनवरी को मामले की जांच जबलपुर एसटीएफ को सौंप दी थी।
एसटीएफ ने मांगा अतिरिक्त समय
मामले पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने स्वयं पक्ष रखा। वहीं, राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा उपस्थित रहे। एसटीएफ की ओर से डीएसपी संतोष कुमार तिवारी ने जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि जांच अभी जारी है, इसलिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए। वहीं पूर्व महापौर प्रभात साहू की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह हाजिर हुए।
