LAW'S VERDICT

अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ महिला सरपंच की याचिका खारिज

मप्र हाईकोर्ट ने कहा- अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में ‘तकनीकी खामी’ नहीं

जबलपुर। बालाघाट जिले की ग्राम पंचायत पलेहरा (बिरसा) की महिला सरपंच द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने स्पष्ट कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में कोई तकनीकी खामी नहीं पाई गई, इसलिए अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

13 में से 12 पंचो ने जताया अविश्वास 

याचिका ग्राम पंचायत पलेहरा, जनपद बिरसा (जिला बालाघाट) की सरपंच प्रियंका धुर्वे की ओर से दायर की गई थी। वे 14 जुलाई 2022 को सरपंच चुनी गई थीं। उनके खिलाफ 13 में से 12 पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। 31 मई 2025 को मतदान हुआ और प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। इसके खिलाफ कलेक्टर के समक्ष चुनौती दी गई, लेकिन 7 अगस्त 2025 को कलेक्टर ने प्रकरण खारिज कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

याचिकाकर्ता बोली सूचना पहले नहीं मिली 

याचिकाकर्ता का कहना था कि बैठक की सूचना उन्हें नियमानुसार 7 दिन पहले नहीं दी गई। बैठक ग्रामसभा मुख्यालय में आयोजित नहीं हुई। इसलिए पूरी कार्रवाई अवैध है।

कोर्ट ने कहा- बैठक में शामिल थीं 

सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रभांशु शुक्ला ने पक्ष रखा। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन कर पाया कि 29 मई 2025 को मतदान संबंधी नोटिस याचिकाकर्ता को प्राप्त हो चुका था। वे बैठक में स्वयं उपस्थित भी हुई थीं। अदालत ने कहा- ऐसी परिस्थिति में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में कोई गंभीर या तकनीकी त्रुटि नहीं है। इसलिए न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा।

हाईकोर्ट का आदेश देखें   WP-34643-2025

Post a Comment

Previous Post Next Post