मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मेट्रो रेल के जीएम को कड़ी चेतावनी
जबलपुर/भोपाल। मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अदालत को गुमराह करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक हरिओम शर्मा को चेतावनी दी कि भविष्य में झूठा हलफनामा दिया गया तो वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
रास्ता बंद होने को दी है चुनौती
भोपाल के गौतम नगर निवासी श्रीनिवास अग्रवाल, सुदेश अग्रवाल और राजेश अग्रवाल ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास निर्माण कार्य के चलते आवागमन बाधित हो गया है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता पैरवी कर रहे हैं।
कोर्ट में कैसे हुआ खुलासा?
जीएम ने मांगी बिना शर्त माफ़ी
सुनवाई के दौरान जीएम ने बताया कि अब 10 फुट चौड़ा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध करा दिया गया है। इसके बावजूद पूर्व में दिए गए जवाब और जमीनी स्थिति में अंतर पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और चेतावनी दी “यदि भविष्य में झूठा हलफनामा देकर अदालत को गुमराह किया गया, तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” जीएम द्वारा मांगी गई बिना शर्त माफी कोर्ट ने स्वीकार कर ली। साथ ही याचिकाकर्ताओं को नए जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है। अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
हाईकोर्ट का आदेश देखें WP-49294-2025
