हाईकोर्ट ने कहा- पहला ठेका निरस्त किए बिना नहीं दिया जा सकता दूसरा ठेका
जबलपुर। प्रदेश की आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ के संचालन से जुड़े 972 करोड़ रुपए के ठेका विवाद में सरकार बैकफुट पर है। बुधवार को तेलंगाना की कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने दो टूक कहा कि एक बार जारी हो चुके ठेके को बिना रद्द किये सरकार उसी काम का नया टेंडर जारी नहीं कर सकती। बेंच ने कहा है कि यदि ठेके को लेकर कोई समस्या आ रही है तो सरकार को चाहिए कि वो या तो टेंडर निरस्त करे या फिर बैठकर उसका समाधान निकाले। बेंच ने सरकार को जवाब दाखिल करने 21 फरवरी तक का समय देकर याचिकाकर्ता को जवाबदावा दाखिल करने कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
तेलंगाना की कंपनी ने उठाये हैं नए टेंडर पर सवाल
तेलंगाना की EMRI Green Health Services की ओर से दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि Police Telecommunication HQ द्वारा 31 दिसंबर 2025 को “ऑटोमैटिक कंप्यूटर एडेड डिस्पैच सिस्टम” की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, इंटीग्रेशन और मेंटेनेंस के लिए नया RFP जारी किया गया, जबकि यही काम पहले से ही कंपनी को वैध और प्रभावी अनुबंध के तहत सौंपा जा चुका है। कंपनी का दावा है कि 12 मार्च 2025 को जारी मूल टेंडर के तहत वह “MP Dial-112 Phase-2” का इम्प्लीमेंटेशन, मेंटेनेंस और ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर रही है। ऐसे में उसी कार्यक्षेत्र के लिए CAD सॉफ्टवेयर का नया टेंडर निकालना न केवल अनुचित है बल्कि अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन भी है।
एक काम के लिए नहीं हो सकते दो ठेके
सुनवाई के दौरान डिवीज़न बेंच ने कहा कि एक काम के लिए दो ठेके जारी नहीं किये जा सकते हैं। यदि ठेका पाने वाली कंपनी के काम में कोई कमी है तो उसको बैठकर भी सुलझाया जा सकता है। दोनों पक्ष चाहीं तो concilation के तहत समझौते का मार्ग अपना सकते हैं।
नया टेंडर उसे दिया जिसको अनुभव ही नहीं
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने कहा कि उनकी मुवक्किल कंपनी देश के 23 राज्यों में अपनी सेवाएं दे रही है। अब सरकार ने CAD सॉफ्टवेयर का नया टेंडर उस कंपनी को दिया गया जिसे इस काम का कोई अनुभव ही नहीं है। इस पर डिवीज़न बेंच ने नया ठेका कंपनी के प्रतिनिधि से पूछा कि उनका पिछले अनुभव क्या है? बेंच को बताया गया कि उनकी कंपनी ने उत्तरप्रदेश में पुलिस विभाग के साथ काम किया है।
पुलिस विभाग को भूमिका पर उठाये सवाल
मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने इस मामले पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि पिछले शुक्रवार को हुई सुनवाई के चंद घंटों के पुलिस कर्मियों ने याचिकाकर्ता कंपनी के कर्मचारियों के साथ ऐसा सुलूक किया जैसे वो गुनहगार हों। उन्होंने कहा कि पुलिस के बर्ताव की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज बुलाकर की जा सकती है।
डायल 112 के ठेके पर एक नजर
- 5 साल के लिए तेलंगाना की EMRI Green Health Services को यह ठेका दिया गया है।
- ठेके में कंपनी को पूरे प्रदेश में 1200 स्कार्पियो वाहन उपलब्ध कराए हैं।
- एक वाहन में 4 ड्राइवरों के हिसाब से कंपनी को कुल 4800 ड्राइवर उपलध कराना है।
- हर एक ड्राइवर का वेतन हर माह राज्य सरकार को देना पड़ेगा।
- सैंकड़ों कम्प्यूटर्स का पूरा सिस्टम, मोबाइल सेट, रिसीवर्स के साथ कण्ट्रोल रूम संचालन के लिए 450 कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी कंपनी की ही है।
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