LAW'S VERDICT

भोपाल निगमायुक्त को बड़ी राहत, खारिज हुई अवमानना की कार्रवाई

सिंगल बेंच ने पाया था अवमानना में दोषी, डिवीज़न बेंच ने कहा- यह कार्रवाई अधिकार क्षेत्र से बाहर 

जबलपुर। भोपाल नगर निगम (BMC) की कमिश्नर संस्कृति जैन को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना के मामले में सिंगल बेंच द्वारा दोषी पाए जाने की कार्रवाई को डिवीजन बेंच ने निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा कि सिंगल बेंच अपने क्षेत्राधिकार से आगे बढ़ गई थी। चूंकि कथित अवमानना Supreme Court of India के आदेश से जुड़ी थी, इसलिए उस पर सुनवाई का अधिकार हाईकोर्ट को नहीं था। डिवीजन बेंच ने अवमानना की कार्रवाई को निरस्त करते हुए सिंगल बेंच को मूल प्रकरण पर आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए।

याचिका लंबित रहते तोड़ा था मकान का हिस्सा 

मामला श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी के 3520 वर्गफीट प्लॉट से जुड़ा है। मर्लिन बिल्डकॉन प्रा.लि. के डायरेक्टर सतपाल सिंह भाटिया ने 28 अगस्त 2025 को बिल्डिंग परमिशन निरस्त किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सिंगल बेंच ने पाया था कि याचिका लंबित रहते हुए 18 नवंबर 2025 को नगर निगम ने याचिकाकर्ता के मकान का एक हिस्सा ध्वस्त कर दिया। 5 फरवरी को इसे अवमानना की श्रेणी में मानते हुए निगमायुक्त संस्कृति जैन को 6 फरवरी को सजा के मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील दायर की गई थी। 6 फरवरी को ही डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

डीबी ने माना- कार्रवाई अधिकार क्षेत्र से बाहर 

बुधवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी और भोपाल नगर निगम की ओर से अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु हाजिर हुए। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला सीधे वहीं सुना जाएगा। सिंगल बेंच द्वारा अवमानना में दोषी पाए जाने की प्रक्रिया अधिकार क्षेत्र से परे थी। अब मूल याचिका पर सिंगल बेंच में आगे सुनवाई होगी, जबकि अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।

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