LAW'S VERDICT

48 घंटों में वापस इंदौर हाईकोर्ट भेजे गए भोजशाला विवाद के मामले

क्षेत्राधिकार का हवाला देकर चीफ जस्टिस की डिवीज़न बेंच ने कहा- इंदौर बेंच में ही होगी सुनवाई 

जबलपुर। धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई अब मुख्यपीठ जबलपुर में नहीं होगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इन प्रकरणों पर सुनवाई का अधिकार इन्दौर खंडपीठ को ही है। ये मामले 48 घंटे पहले सोमवार को इंदौर बेंच से मुख्यपीठ जबलपुर में ट्रांसफर हुए थे। बुधवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया कि धार जिला इन्दौर बेंच के क्षेत्राधिकार में आता है, इसलिए सभी 5 मामलों की सुनवाई वहीं की जाएगी। मामलों को 23 फरवरी को इन्दौर बेंच में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन्दौर से जबलपुर ट्रांसफर हुए थे मामले

भोजशाला में पूजा और नमाज से जुड़े विवादों को लेकर दायर याचिकाएं पहले इन्दौर बेंच में लंबित थीं। इन्दौर के प्रशासनिक न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने बीते सोमवार को इन मामलों को मुख्यपीठ जबलपुर ट्रांसफर किया था। तर्क दिया गया था कि वर्ष 2006 से संबंधित एक अपील पहले से जबलपुर बेंच में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत एकरूपता बनाए रखने के लिए मामले मुख्यपीठ भेजे गए थे, ताकि चीफ जस्टिस उचित आदेश दे सकें।

इन्दौर में ही खुलेगी सीलबंद रिपोर्ट

बुधवार की सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन और राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह उपस्थित रहे। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पूरा रिकॉर्ड इन्दौर बेंच को भेजा जाए। इंदौर हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में पेश की गई रिपोर्ट इन्दौर बेंच के निर्देश पर ही खोली जाएगी। आगे की सुनवाई और आदेश इन्दौर खंडपीठ ही करेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post