LAW'S VERDICT

दवा नहीं, ज़हर परोसा गया: 30 बच्चों की मौत के केस में हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित


छिंदवाड़ा का जहरीला कफ सिरप कांड: 14वीं सुनवाई में जमानत पर पूरी हुई बहस 

जबलपुर। छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित जहरीले कफ सिरप कांड में गिरफ्तार चारों आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 14वीं पेशी के दौरान सुनवाई पूरी हो गई। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आरोपियों, राज्य सरकार एवं आपत्तिकर्ताओं की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद जमानत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के आने वाले आदेश पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि मामले के आरोपियों को जमानत मिलेगी या फिर वे जेल में ही रहेंगे।

गौरतलब है कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया निवासी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया थाना पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि डॉ. सोनी द्वारा लिखे गए नुस्खे पर दिए गए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से जिले में 30 बच्चों की मौत हो गई थी।

इस मामले में 8 अक्टूबर 2025 को परासिया की एडीजे अदालत द्वारा जमानतअर्जी खारिज किए जाने के बाद आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पुलिस जांच में डॉ. सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, उनके भतीजे राजेश सोनी तथा मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट सौरभ कुमार जैन को भी आरोपी बनाया गया है।

बताया गया है कि ज्योति सोनी के मेडिकल स्टोर से ही उक्त जहरीला कफ सिरप बेचा गया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन चारों आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में अलग-अलग जमानत अर्जियां दाखिल की गई हैं।

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त एवं शशांक शेखर ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह तथा शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी ने विरोध में दलीलें दीं। मृत बच्चों की ओर से आपत्तिकर्ता अश्मिता चाँद की ओर से अधिवक्ता केके पाण्डेय ने पक्ष रखा।


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