भोपाल के विवादित स्लॉटर हाउस के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर अब सुनवाई 16 मार्च को
जबलपुर। भोपाल में लाईवस्टॉक फूड प्रोसेसर प्रा.लि. द्वारा संचालित एक स्लॉटर हाउस को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। ये वही स्लॉटर हाउस है, जो कुछ दिन पहले गौमांस को लेकर काफी सुर्ख़ियों में रहा। इस स्लॉटर हाउस के संचालन के खिलाफ दाखिल हुई जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि उसे सील कर दिया गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने मामले की सुनवाई 16 मार्च तक के लिए मुल्तवी कर दी। साथ ही याचिकाकर्ताओं को यह स्वतंत्रता भी दी कि स्लॉटर हाउस के ताले खोले जाते हैं, तो वे अर्जेंट सुनवाई के लिए अर्जी दायर कर सकेंगे।अवैध रूप से संचालन के आरोप
यह जनहित याचिका दयोदय महासंघ भोपाल के अशोक कुमार जैन, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राकेश जैन गोहिल और जन जागृति समिति के रंधीर कुमार पटेल की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि जिन्सी क्षेत्र में मैदा मिल रोड पर में लाईवस्टॉक फूड प्रोसेसर प्रा.लि. द्वारा स्लॉटरहाउस (कसाईखाने) का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। याचिका में आरोप है कि न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ा रहा है बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। इतना ही नहीं, स्लॉटरहाउस से निकलने वाला गंदा पानी और वायु प्रदूषण आसपास के जलस्रोतों और वायु गुणवत्ता को दूषित कर रहा है।पीसीबी ने रिपोर्ट देकर बताई कमियां
इस मामले पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच के बाद हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। बोर्ड का कहना है कि स्लॉटर हाउस में बाउण्ड्री वॉल का होना जरूरी है और वहां पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगने चाहिए। साथ ही भविष्य में इस स्लॉटर हाउस को कहीं और शिफ्ट करना जरूरी होगा। इस रिपोर्ट पर गौर करके हाईकोर्ट ने पीसीबी द्वारा बताई गईं कमियों को पूरा करने के निर्देश लाईवस्टॉक फूड प्रोसेसर प्रा.लि. को दिए थे।
हाईकोर्ट का आदेश देखें WP-41885-2025
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