LAW'S VERDICT

हाईकोर्ट ने पूछा- क्यों बंद किये गए MY हॉस्पिटल के 3 गेट?



जनहित याचिका पर माँगा जवाब, सुनवाई अब 23 को 

इंदौर। शहर के Maharaja Yeshwant Rao Holkar Hospital (एमवाय अस्पताल) के तीन प्रवेश-निकास द्वार बंद किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। जनहित याचिका में कहा गया है कि पिछले तीन महीनों से अस्पताल के चार में से तीन गेट बिना किसी पूर्व सूचना, वैकल्पिक व्यवस्था या सार्वजनिक नोटिस के बंद कर दिए गए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा हो रही है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को तय की है।

आपातकालीन मरीजों पर सबसे ज्यादा असर

इंदौर के पूर्व पार्षद महेश गर्ग की ओर से दाखिल इस जनहित याचिका में कहा गया है कि वर्ष 1955 में स्थापित MY हॉस्पिटल, 1700 बिस्तरों का अस्पताल है, जहाँ हर रोज बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही होती है। अचानक से अस्पताल के 3 गेट बंद होने से आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और दिव्यांगजन प्रभावित हो रहे हैं और स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और एम्बुलेंस की आवाजाही में बाधा आ रही है। याचिका में गेट नाड करने के फैसले को मनमाना और अनुचित प्रशासनिक कदम बताते हुए संविधान में दिए जीवन और समय पर उपचार के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।

सरकार से मांगी गई जानकारी

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रतीक महेश्वरी ने तर्क रखा कि अस्पताल, जो सार्वजनिक धन से संचालित है और इंदौर, उज्जैन सहित आसपास के जिलों की बड़ी आबादी को सस्ती चिकित्सा सुविधा देता है, वहां इस प्रकार प्रवेश सीमित करना सार्वजनिक हित के विपरीत है। वहीं राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रद्युम्न किबे ने पक्ष रखा। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मामले में आवश्यक निर्देश लेकर जवाब प्रस्तुत करें।

हाईकोर्ट का आदेश देखें  WP-1983-2026


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