LAW'S VERDICT

हाईकोर्ट का अहम फैसला: वकील का कार्यालय ‘व्यावसायिक गतिविधि’ नहीं, किराया बकाया होने पर बेदखली वैध

 

ग्वालियर | High Court of Madhya Pradesh की ग्वालियर खंडपीठ ने सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 100 के तहत दायर द्वितीय अपील में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि आवासीय भवन में संचालित वकील का कार्यालय अपने आप में ‘व्यावसायिक गतिविधि’ नहीं माना जा सकता। साथ ही, किराया बकाया (Section 12(1)(a), MP Accommodation Control Act, 1961) होने पर बेदखली से इंकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस जीएस अहलुवालिया की अदालत ने यह फैसला मंगलवार को सुनाया। 

मामले की पृष्ठभूमि

मकान मालिक अनिल कुशवाह ने आवासीय भवन में स्थित एक कमरे की बेदखली व बकाया किराया वसूली के लिए एक वाद दायर किया। किरायेदारअनिल कुमार गुप्ता  एक अधिवक्ता थे, जो कमरे का उपयोग कार्यालय के रूप में कर रहे थे। वाद Sections 12(1)(a), 12(1)(c) और 12(1)(e) के आधार पर दायर हुआ—किराया बकाया, मानसिक उत्पीड़न और bona fide आवश्यकता।

निचली अदालतों का रुख

ट्रायल कोर्ट ने माना कि किराया बकाया है और bona fide आवश्यकता भी सिद्ध है, लेकिन यह कहते हुए डिक्री नहीं दी कि वकील का कार्यालय व्यावसायिक गतिविधि है, इसलिए आवासीय आवश्यकता के आधार पर बेदखली नहीं हो सकती। प्रथम अपीलीय अदालत ने कुछ निष्कर्ष पलटे, जिससे वादकारी को राहत नहीं मिली।

हाईकोर्ट का निर्णायक निष्कर्ष

  1. आवासीय भवन में वकील का कार्यालय  व्यावसायिक गतिविधि नहीं

    • केवल इस आधार पर कि कमरे का उपयोग कार्यालय के रूप में हो रहा है, उसे व्यावसायिक नहीं ठहराया जा सकता, खासकर जब भवन आवासीय हो।

  2. किराया बकाया होने पर बेदखली अनिवार्य

    • यदि Section 12(1)(a) के तहत किराया बकाया सिद्ध है और Sections 13(1) व 13(2) का पालन नहीं हुआ, तो बेदखली से इंकार नहीं किया जा सकता चाहे उपयोग आवासीय हो या गैर-आवासीय।

  3. ट्रायल कोर्ट की गंभीर त्रुटि

    • मान भी लिया जाए कि bona fide आवश्यकता (12(1)(e)) पर डिक्री न बनती, तब भी किराया बकाया के आधार पर डिक्री दी जानी चाहिए थी।

दोनों अपीलीय निर्णय रद्द हुए  

हाईकोर्ट द्वारा दोनों अपीलीय अदालतों के निर्णय रद्द किए गए। ट्रायल कोर्ट का वह निर्णय भी रद्द किया गया जिसमें गलत आधार पर बेदखली से इंकार किया गया था। परिणामतः, मकान मालिक के पक्ष में बेदखली का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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