5 बने देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI), न्यायिक परंपरा की बड़ी उपलब्धि
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय न्यायपालिका को दिशा देने वाले अनेक न्यायाधीश दिए हैं। वर्ष 1956 में स्थापना के बाद से अब तक हाईकोर्ट के 23 न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तक पहुंचे, जिनमें से 5 ने देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में सर्वोच्च न्यायिक दायित्व संभाला। यह उपलब्धि मप्र हाईकोर्ट की समृद्ध न्यायिक परंपरा और गुणवत्ता को रेखांकित करती है।
29 में से 22 चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट तक
स्थापना के बाद से मप्र हाईकोर्ट के 29 में से 22 चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे। उल्लेखनीय है कि आरसी लाहोटी ऐसे पहले न्यायाधीश रहे, जो चीफ जस्टिस बने बिना सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
ऐतिहासिक फैसले और न्याय तक पहुंच
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इन 23 न्यायाधीशों ने संवेदनशील और ऐतिहासिक मामलों में फैसले देकर न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत किया। वहीं CJI बने पूर्व जजों ने न्यायालय की कार्यप्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और न्याय तक आसान पहुंच पर विशेष जोर दिया। इनके कार्यकाल में धारा 377 के तहत समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने और तीन कृषि कानूनों पर रोक जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक-सामाजिक निर्णय हुए, जिनका प्रभाव आज भी दिखता है।
जस्टिस आरसी लाहोटी: बिना CJ बने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
परंपरा के अनुसार हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुलता है, लेकिन मप्र हाईकोर्ट के इतिहास में आरसी लाहोटी अपवाद रहे। मप्र हाईकोर्ट के बाद उनका ट्रांसफर दिल्ली हाईकोर्ट हुआ और 9 दिसंबर 1998 को वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 31 अक्टूबर 2005 को उन्होंने CJI पद से सेवानिवृत्ति ली।
ये बने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI)
मप्र हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अन्य न्यायाधीश
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एपी सेन — 17 जुलाई 1978 से 19 सितंबर 1988
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जीएल ओझा — 29 अक्टूबर 1985 से 11 दिसंबर 1989
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एनडी ओझा — 18 जनवरी 1988 से 18 जनवरी 1991
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फैजानुद्दीन — 14 दिसंबर 1993 से 4 फरवरी 1997
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एके माथुर — 07 जून 2004 से 14 अगस्त 2005
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डीएम धर्माधिकारी — 5 मार्च 2002 से 14 अगस्त 2005
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पीपी नावलेकर — 28 जुलाई 2004 से 29 जून 2008
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आरवी रवीन्द्रन — 09 सितंबर 2005 से 15 अक्टूबर 2011
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दीपक वर्मा — 11 मई 2009 से 28 अगस्त 2012
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एके पटनायक — 17 नवंबर 2009 से 3 जून 2014
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सीके प्रसाद — 08 फरवरी 2010 से 14 जुलाई 2014
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अरुण मिश्रा — 07 जुलाई 2014 से 2 सितंबर 2020
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एएम सप्रे — 13 अगस्त 2014 से 27 अगस्त 2019
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एएम खानविलकर — 13 मई 2016 से 29 जुलाई 2022
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हेमंत गुप्ता — 02 नवंबर 2018 से 16 अक्टूबर 2022
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जेके माहेश्वरी — 31 अगस्त 2021 से अभी तक
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एससी शर्मा — 09 नवंबर 2023 से अभी तक
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आलोक अराधे — 29 अगस्त 2025 से अभी तक