बालाघाट से भाजपा सांसद भारती पारधी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बालाघाट लोकसभा सीट से भाजपा सांसद भारती पारधी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका बसपा के उम्मीदवार कंकर मुंजारे की ओर से दायर की गई थी।
मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकलपीठ के न्यायाधीश जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह ने की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी एक बूथ की एक ईवीएम मशीन में कथित गड़बड़ी के आधार पर पूरे चुनाव परिणाम को निरस्त नहीं किया जा सकता।
372 वोट पड़े, निकले 428, EVM भी 99% चार्ज रही
याचिका में दावा किया गया था कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 88, शासकीय माध्यमिक शाला, जयामा में कुल 372 मत डाले गए थे, लेकिन मतगणना के दौरान ईवीएम का टोटल बटन दबाने पर 428 मत प्रदर्शित हुए। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि लगभग 22 दिनों तक स्ट्रांग रूम में रखी गई ईवीएम मशीन 99 प्रतिशत चार्ज के साथ बाहर आना संदेहास्पद है, जिससे मशीन से छेड़छाड़ की आशंका जताई गई। इन आधारों पर सांसद भारती पारधी के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई थी।
सांसद की ओर से दलील
सांसद भारती पारधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जी.एस. बघेल, अधिवक्ता अच्युतेन्द्र सिंह बघेल, संजय शर्मा और के.के. रैदास ने याचिका का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला दिया। उन्होंने दलील दी कि एक मशीन या एक बूथ की कथित अनियमितता से पूरे निर्वाचन को अवैध नहीं ठहराया जा सकता।
कोर्ट ने कहा: आरोप तो लगाए पर सबूत ही नहीं
हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप सिर्फ आशंका और अनुमान पर आधारित हैं। याचिकाकर्ता की ओर से ऐसे ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, जिनसे यह सिद्ध हो सके कि कथित गड़बड़ी का सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ा हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए कानूनी मानकों के अनुरूप ठोस सबूत आवश्यक होते हैं, जो इस मामले में प्रस्तुत नहीं किए गए।
निष्कर्ष
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को अपर्याप्त मानते हुए चुनाव याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के साथ ही बालाघाट से भाजपा सांसद भारती पारधी का निर्वाचन वैध ठहराया गया।