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Carlill बनाम Carbolic Smoke Ball Company: विज्ञापन भी हो सकता है कानूनी प्रस्ताव, ऐतिहासिक फैसला,

Contract Law Landmark Case | इंग्लैंड का ऐतिहासिक अनुबंध कानून निर्णय

अनुबंध कानून (Contract Law) के इतिहास में Carlill v. Carbolic Smoke Ball Company (1893) को एक मील का पत्थर माना जाता है। इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन भी वैध कानूनी प्रस्ताव (Offer) हो सकता है और शर्तें पूरी होने पर कंपनी को भुगतान करना ही होगा।

यह फैसला आज भी भारत सहित कई देशों में कॉन्ट्रैक्ट लॉ की पढ़ाई और न्यायिक निर्णयों में उद्धृत किया जाता है।


क्या था पूरा मामला? (Facts of the Case)

साल 1891 में इंग्लैंड की Carbolic Smoke Ball Company ने अपने उत्पाद Carbolic Smoke Ball का प्रचार करते हुए एक अखबार में विज्ञापन प्रकाशित किया।

विज्ञापन में कहा गया था कि:

  • जो व्यक्ति Carbolic Smoke Ball का निर्देशानुसार उपयोग करेगा

  • और फिर भी उसे इन्फ्लुएंजा (फ्लू) हो जाएगा

  • तो कंपनी उसे £100 (100 पाउंड) का इनाम देगी

विज्ञापन की विश्वसनीयता दिखाने के लिए कंपनी ने यह भी लिखा कि
£1000 बैंक में जमा किए गए हैं, जिससे यह साबित होता है कि ऑफर गंभीर है।


मिसेज कार्लिल का दावा

मिसेज लुईसा कार्लिल (Mrs. Carlill) ने:

  • कंपनी के निर्देशों के अनुसार स्मोक बॉल का उपयोग किया

  • फिर भी उन्हें इन्फ्लुएंजा हो गया

इसके बाद उन्होंने कंपनी से £100 की मांग की।
कंपनी ने भुगतान से इनकार कर दिया, जिसके बाद मिसेज कार्लिल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।


कंपनी की दलीलें (Arguments by Company)

Carbolic Smoke Ball Company ने अदालत में कहा:

  1. विज्ञापन केवल सेल्स प्रमोशन है, कानूनी प्रस्ताव नहीं

  2. यह एक अनिश्चित और अस्पष्ट ऑफर है

  3. किसी व्यक्ति द्वारा स्वीकृति (Acceptance) की सूचना नहीं दी गई

  4. कोई वैध अनुबंध (Contract) नहीं बना


अदालत का फैसला (Judgment)

कोर्ट ऑफ अपील (Court of Appeal, England) ने मिसेज कार्लिल के पक्ष में फैसला सुनाया और कंपनी को £100 भुगतान करने का आदेश दिया

अदालत ने कहा:

  • विज्ञापन एक स्पष्ट और बाध्यकारी प्रस्ताव (Unilateral Offer) था

  • शर्तों का पालन करना ही Acceptance माना जाएगा

  • बैंक में £1000 जमा करना कंपनी की गंभीर मंशा (Intention) को दर्शाता है

  • अलग से Acceptance की सूचना देना आवश्यक नहीं


कानूनी सिद्धांत (Legal Principles Established)

इस ऐतिहासिक मामले में निम्न महत्वपूर्ण सिद्धांत स्थापित हुए:

🔹 1. विज्ञापन भी Offer हो सकता है

यदि विज्ञापन स्पष्ट, निश्चित और गंभीर हो, तो वह वैध प्रस्ताव माना जाएगा।

🔹 2. Unilateral Contract की अवधारणा

जहां एक पक्ष शर्त रखता है और दूसरा पक्ष केवल शर्त पूरी करता है।

🔹 3. Acceptance बिना सूचना के भी संभव

कार्य (Act) द्वारा स्वीकृति भी वैध मानी जाएगी।

🔹 4. Intention to Create Legal Relations

कंपनी का पैसा बैंक में जमा करना कानूनी इरादे को दर्शाता है।


भारतीय कानून में महत्व (Relevance in India)

यह केस Indian Contract Act, 1872 के अंतर्गत:

  • Offer और Acceptance

  • Intention to Create Legal Relations

  • Unilateral Contracts

जैसे सिद्धांतों को समझने में अत्यंत सहायक है और भारतीय न्यायालयों में भी संदर्भित किया जाता है।


निष्कर्ष (Conclusion)

Carlill v. Carbolic Smoke Ball Company यह स्पष्ट करता है कि
👉 भ्रामक या लापरवाह विज्ञापन कंपनियों को कानूनी जिम्मेदारी में डाल सकते हैं
यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों और अनुबंध कानून दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।






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