नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के संविधान में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। चाहे वह राजनीतिक पद पर हो या प्रशासनिक शक्ति में—सभी पर कानून समान रूप से लागू होगा।
कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका का दायित्व केवल विवाद निपटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि संवैधानिक मूल्यों से कोई समझौता न हो। न्यायालय ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जहां प्रभावशाली व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे।
इस टिप्पणी को लोकतंत्र और न्यायिक जवाबदेही के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Tags
Supreme-Court
