क्रेडाई एसोसिएशन की याचिका पर माँगा जवाब
मास्टर प्लान 2047 के प्रकाशन में देरी का मामला
यह मामला CREDAI Jabalpur Builders Association की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिका में कहा गया कि जबलपुर शहर के विकास और नियोजन से जुड़े मास्टर प्लान 2047 का प्रकाशन लंबे समय से नहीं किया जा रहा था। याचिकाकर्ता के अनुसार, इस संबंध में पहले सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी। RTI के जवाब में TNCP की ओर से बताया गया था कि मास्टर प्लान की अधिसूचना जल्द प्रकाशित की जाएगी। लेकिन इसके बाद करीब एक महीने का समय बीत जाने के बावजूद अधिसूचना प्रकाशित नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने पहले भी दिए थे दो महीने में कार्रवाई के निर्देश
मास्टर प्लान के प्रकाशन में देरी के बाद इस मामले में हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने TNCP आयुक्त को दो महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद तय समय सीमा में मास्टर प्लान 2047 के प्रकाशन को लेकर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।
हाईकोर्ट ने आयुक्त को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए
गुरुवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने हाईकोर्ट के समक्ष दलीलें रखीं। दलीलें सुनने के बाद बेंच ने मामले में अनावेदक बनाए गए TNCP आयुक्त कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को अवमानना नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है मास्टर प्लान 2047?
जबलपुर का मास्टर प्लान शहर के भविष्य के विकास, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों, सड़क व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य शहरी नियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के लिए आधार तैयार करता है। ऐसे में मास्टर प्लान 2047 के प्रकाशन में देरी का मामला शहर के भवन निर्माण, रियल एस्टेट और शहरी विकास से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
